भारत में बिटचैट ऐप पर सरकार की कार्रवाई: एप्पल ने हटाया
बिटचैट ऐप की भारत में उपलब्धता पर रोक
भारत में इंटरनेट के बिना संदेश भेजने की क्षमता रखने वाले बिटचैट ऐप के खिलाफ सरकार ने कदम उठाया है। एप्पल ने अपने ऐप स्टोर से बिटचैट को हटा दिया है। यह निर्णय आईटी मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों के बाद लिया गया है। अब, आईफोन उपयोगकर्ता आधिकारिक ऐप स्टोर से बिटचैट डाउनलोड नहीं कर सकेंगे।
सूत्रों के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आईटी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के तहत बिटचैट को भारत में उपलब्ध नहीं कराने का आदेश दिया था। यह जानकारी ऐप के डेवलपर जैक डॉर्सी द्वारा एक्स पर साझा किए गए नोटिस में दी गई है। नोटिस में बताया गया है कि सरकार ने एप्पल को सूचित किया था कि बिटचैट में ऐसी सामग्री है, जिसे भारत में अवैध माना गया है। इसके बाद कंपनी को ऐप की उपलब्धता रोकने का निर्देश दिया गया था।
एप्पल ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिटचैट अन्य देशों में पहले की तरह उपलब्ध रहेगा। हालांकि, भारत में इसका परीक्षण संस्करण भी अब उपलब्ध नहीं होगा। बिटचैट का परीक्षण संस्करण टेस्टफ्लाइट के माध्यम से डेवलपर द्वारा उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाया जाता है। एप्पल ने इस सुविधा के जरिए भी बिटचैट के उपयोग पर रोक लगा दी है।
बिटचैट एक सामान्य मैसेजिंग ऐप से भिन्न है, क्योंकि इसे उपयोग करने के लिए हमेशा इंटरनेट कनेक्शन या किसी केंद्रीय सर्वर की आवश्यकता नहीं होती। यह आसपास के उपकरणों को ब्लूटूथ के माध्यम से जोड़कर एक नेटवर्क बनाता है, जिससे संदेश एक उपकरण से दूसरे उपकरण तक पहुंचाए जा सकते हैं।
यह तकनीक बिटचैट को उन परिस्थितियों में भी उपयोगी बनाती है, जब इंटरनेट सेवा उपलब्ध नहीं होती। हालांकि, इसकी विकेंद्रीकृत संरचना और तकनीक ने इसे सरकारी निगरानी के दायरे में ला दिया है। सरकार की कार्रवाई के बाद, अब भारत में ऐप की आधिकारिक उपलब्धता पूरी तरह से समाप्त हो गई है।
एप्पल ने अभी तक बिटचैट को हटाने के संबंध में मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि सरकार ने जिस सामग्री को अवैध बताया है, वह क्या थी।
यह मामला उस समय सामने आया है जब दिल्ली और मुंबई में बिटचैट के खिलाफ प्रदर्शन हुए हैं। ये प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा आयोजित किए गए थे। उल्लेखनीय है कि जुलाई में भी बिटचैट के खिलाफ कार्रवाई की गई थी, लेकिन उस समय ऐप फिर से उपलब्ध हो गया था। अब एक बार फिर इसकी उपलब्धता रोक दी गई है।
इस कार्रवाई के बाद बिटचैट की गोपनीयता, बिना इंटरनेट संचार और विकेंद्रीकृत तकनीक पर चर्चा बढ़ने की संभावना है। साथ ही, यह सवाल भी उठ रहा है कि भारत में ऐसे ऐप्स के लिए नियम और सरकारी निर्देश कैसे लागू होते हैं।
