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भारत में मर्सिडीज-बेंज की इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती मांग

मर्सिडीज-बेंज की इलेक्ट्रिक कारों की मांग भारत में तेजी से बढ़ रही है, खासकर नई सीएलए इलेक्ट्रिक के लिए। 1,000 से अधिक बुकिंग के साथ, ग्राहकों को डिलीवरी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कंपनी की बिक्री में 16% की वृद्धि हुई है, और यदि सप्लाई में सुधार होता है, तो अगले वर्ष इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी 20% से 25% तक पहुंच सकती है। जानें और क्या चुनौतियाँ हैं और कंपनी की भविष्य की योजनाएँ क्या हैं।
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मर्सिडीज-बेंज की नई सीएलए इलेक्ट्रिक की सफलता

भारत में मर्सिडीज-बेंज की इलेक्ट्रिक कारों की मांग तेजी से बढ़ रही है। कंपनी की नई सीएलए इलेक्ट्रिक के प्रति ग्राहकों का उत्साह इतना अधिक है कि इसकी 1,000 से अधिक बुकिंग हो चुकी हैं। सीमित आपूर्ति के कारण कुछ ग्राहकों को कार के लिए 6 महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है, और डिलीवरी मार्च 2027 तक बढ़ गई है.


बिक्री में वृद्धि और भविष्य की संभावनाएं

सीएलए इलेक्ट्रिक को इस साल अप्रैल में भारतीय बाजार में लॉन्च किया गया था। इसके बाद से, जनवरी से सितंबर 2026 के बीच मर्सिडीज-बेंज इंडिया की इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में 16% की वृद्धि हुई है। कंपनी का मानना है कि यदि आपूर्ति में सुधार होता है, तो अगले वर्ष इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री का हिस्सा 20% से 25% तक पहुंच सकता है.


सप्लाई की चुनौतियां

मर्सिडीज-बेंज इंडिया के प्रबंध निदेशक संतोष अय्यर के अनुसार, यदि सप्लाई में कोई समस्या नहीं होती, तो इस वर्ष कंपनी की इलेक्ट्रिक कारों की हिस्सेदारी 7 से 8 प्रतिशत तक बढ़ सकती थी। यह दर्शाता है कि मांग की कमी नहीं है, बल्कि बिक्री में सबसे बड़ी बाधा वाहन उपलब्धता है.


बिक्री के आंकड़े

कंपनी ने 2026 के पहले 9 महीनों में भारत में कुल 15,190 कारें बेची हैं, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 8% अधिक है। जुलाई से सितंबर के बीच 5,422 कारें बिकीं, जो पिछले वर्ष की तीसरी तिमाही से 6% अधिक हैं. तीसरी तिमाही में बिक्री में पिछले तिमाही की तुलना में 17% की वृद्धि हुई है.


नए मॉडल और ग्राहक की पसंद

बिक्री में वृद्धि में नए मॉडलों और लंबे पहिए वाले वाहनों की मांग का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ई-क्लास, जीएलई, जीएलएस और वी-क्लास जैसे मॉडल ग्राहकों के बीच लोकप्रिय रहे हैं। पुराने ग्राहक भी अपनी कारें बदलते समय मर्सिडीज-बेंज को फिर से चुन रहे हैं, जिससे मांग को बढ़ावा मिला है.


महंगे वाहनों की बिक्री

कंपनी की कुल बिक्री में महंगे वाहनों का हिस्सा लगभग 60% रहा, जिसमें सी-क्लास, जीएलसी, जीएलई और लंबे पहिए वाली ई-क्लास शामिल हैं। जीएलए और सीएलए इलेक्ट्रिक जैसे प्रारंभिक महंगे वाहनों की बिक्री में 15% हिस्सेदारी रही, जिसमें सालाना आधार पर 4% की वृद्धि हुई.


नई इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बुकिंग

कंपनी ने भारत में जीएलसी इलेक्ट्रिक की बुकिंग भी शुरू कर दी है, जिसका बाजार में आगमन 4 नवंबर को होगा। इसे महाराष्ट्र के चाकन संयंत्र में तैयार किया जाएगा और यह 400 4मैटिक संस्करण में आएगी, जिसमें 94 किलोवाट-घंटे की बैटरी होगी.


डीजल वाहनों की हिस्सेदारी

मर्सिडीज-बेंज की कुल बिक्री में डीजल वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर 40% हो गई है, जो पहले 38% थी। इस प्रकार, कंपनी भारत में इलेक्ट्रिक और पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों की मांग को पूरा करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है.