भारत में सेमीकंडक्टर निवेश से एक लाख नौकरियों का निर्माण
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बड़ा निवेश
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को जानकारी दी कि भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में लगभग 12 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश किया जाएगा, जिससे एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। यह निवेश 'सेमीकॉन 2.0' पहल के तहत घरेलू चिप इकोसिस्टम के विकास के लिए किया जा रहा है। नई दिल्ली में 'सेमीकॉन इंडिया 2026' कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए, वैष्णव ने इस निवेश की पुष्टि की और इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह निवेश विभिन्न क्षेत्रों जैसे केमिकल्स, गैसों, उपकरणों, चिप पैकेजिंग और डिज़ाइन में विस्तार करेगा, साथ ही टैलेंट डेवलपमेंट पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
नौकरियों के लिए युवाओं का प्रशिक्षण
वैष्णव ने बताया कि इस क्षेत्र में विभिन्न कंपनियों जैसे केमिकल और गैस निर्माण करने वाली कंपनियों के साथ-साथ नई ATMP यूनिट्स भी शामिल होंगी। नई कंपनियों को डिज़ाइन के क्षेत्र में भी अवसर मिलेंगे। इसके अतिरिक्त, सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि Semicon 1.0 ने भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग की नींव रखी, जबकि Semicon 2.0 का उद्देश्य एक व्यापक इकोसिस्टम का विकास करना है।
R&D पर जोर
रिसर्च और डेवलपमेंट के संदर्भ में, वैष्णव ने कहा कि सरकार उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर एप्लाइड R&D प्रोजेक्ट्स पर कार्य करेगी, जिसमें फंडिंग का सहयोग भी किया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम R&D पर विशेष ध्यान दे रहे हैं और चाहते हैं कि अधिक से अधिक एप्लाइड रिसर्च हो।”
चीन से प्रतिस्पर्धा की तैयारी
जब उनसे पूछा गया कि भारत कब तक चीन के साथ प्रतिस्पर्धा करने योग्य सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम स्थापित कर पाएगा, तो उन्होंने कोई निश्चित समय सीमा नहीं बताई, लेकिन कहा कि देश ने एक मजबूत आधार तैयार किया है और विकास को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सेमीकंडक्टर उद्योग दुनिया की सबसे जटिल उद्योगों में से एक है और भारत को दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।
