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भारत में सोने की मांग में गिरावट, तिमाही में 29% की कमी

भारत में जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान सोने की मांग में 29% की कमी आई है, जो 162.5 टन तक पहुंच गई। इस गिरावट के पीछे आयात शुल्क में वृद्धि और कीमतों में तेजी जैसे कारण हैं। विश्व स्वर्ण परिषद ने पूरे वर्ष के लिए मांग का अनुमान 625 से 675 टन लगाया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि उपभोक्ता अब सोच-समझकर खरीदारी कर रहे हैं और पुराने सोने के बदले नए आभूषण लेने की योजनाओं को तेजी से अपना रहे हैं। जानें इस रिपोर्ट में और क्या जानकारी दी गई है।
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सोने की मांग में कमी का कारण

मुंबई, 3 नवंबर: भारत में जुलाई से सितंबर की तिमाही के दौरान सोने की मांग में सालाना आधार पर 29 प्रतिशत की गिरावट आई, जो 162.5 टन तक पहुंच गई। इस कमी का मुख्य कारण आयात शुल्क में वृद्धि, कीमतों में तेजी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खरीदारी पर अंकुश लगाने की अपील है। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) ने इस संबंध में जानकारी दी है और पूरे वर्ष के लिए मांग 625 से 675 टन रहने का अनुमान लगाया है.


मांग और मूल्य में बदलाव

डब्ल्यूजीसी द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की इसी तिमाही में सोने की मांग 229.8 टन थी। हालांकि, इस तिमाही में सोने का मूल्य तीन प्रतिशत बढ़कर 2,41,900 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष की इसी तिमाही में यह 2,35,090 करोड़ रुपये था। समीक्षाधीन तिमाही में सोने का औसत मूल्य 4,262 अमेरिकी डॉलर प्रति ट्रॉय औंस (1,48,891 रुपये प्रति 10 ग्राम) रहा.


आभूषण मांग में गिरावट

भारत में कुल आभूषण मांग 2025 की इसी तिमाही के 125 टन के मुकाबले 20 प्रतिशत घटकर 99.9 टन रह गई। फिर भी, मूल्य के हिसाब से यह 16 प्रतिशत बढ़कर 1,48,700 करोड़ रुपये हो गई। डब्ल्यूजीसी के क्षेत्रीय सीईओ सचिन जैन ने कहा कि इस तिमाही में सोने की मांग मजबूत बनी रही, लेकिन ऊंची कीमतों ने उपभोक्ताओं के खरीदारी के व्यवहार को प्रभावित किया.


खरीदारी के रुझान

जैन ने बताया कि उपभोक्ता अब सोच-समझकर खरीदारी कर रहे हैं और पुराने सोने के बदले नए आभूषण लेने की योजनाओं को तेजी से अपना रहे हैं। समीक्षाधीन तिमाही में सोने की छड़ों और सिक्कों की मांग 40 प्रतिशत घटकर 55 टन रह गई, जबकि सोने के एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) की मांग भी 50 प्रतिशत घटकर 5.3 टन रह गई.


भविष्य की संभावनाएं

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक ने 2026 की तीसरी तिमाही में सोना नहीं खरीदा। भारत में जुलाई-सितंबर के दौरान सोने के पुनर्चक्रण की मात्रा 19.2 टन रही, जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही के 21.8 टन से 12 प्रतिशत कम है। जैन ने कहा कि आगामी त्योहारों और शादी के मौसम से सोने की मांग को समर्थन मिलने की उम्मीद है.