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भारत में सोने के आयात में भारी गिरावट, व्यापार घाटे पर असर

भारत में अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच सोने का आयात 27% घटकर 19.27 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया है। यह गिरावट सरकार द्वारा आयात शुल्क बढ़ाने के कारण हुई है। इस कमी से व्यापार घाटे पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जिससे देश की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है। जानें इस विषय में और क्या जानकारी है और इसके पीछे के कारण क्या हैं।
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भारत का सोने का आयात घटा

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच भारत का सोने का आयात 27 प्रतिशत से अधिक घटकर 19.27 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 26.51 अरब अमेरिकी डॉलर था। यह कमी तब आई है जब सरकार ने मई में सोने और चांदी पर आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया, जिससे इन धातुओं का आयात महंगा हो गया।


भारत अपनी घरेलू मांग को पूरा करने के लिए विदेशी खरीद पर काफी निर्भर है, इसलिए सोने के आयात में आई यह कमी महत्वपूर्ण है। इससे देश के व्यापार घाटे पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। रुपये और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव के बीच, सरकार ने 13 मई 2026 से सोने और चांदी पर सीमा शुल्क बढ़ाने का निर्णय लिया।


आयात में कमी का प्रभाव

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, 2026 में ऊंचे शुल्क और कड़े आयात नियमों का असर घरेलू सोने की मांग पर पड़ने की संभावना है। वाणिज्य मंत्रालय की एक प्रस्तुति में बताया गया है कि सितंबर में सोने के आयात में भारी गिरावट आई है। इसके साथ ही, चांदी के आयात में भी कमी देखी गई है।


हालांकि, सितंबर में भारत का कुल वस्तु आयात बढ़कर 74.61 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने में यह 69.08 अरब अमेरिकी डॉलर था। वस्तु निर्यात में 23.04 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 44.40 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। इससे वस्तु व्यापार घाटा, जो एक साल पहले 33 अरब अमेरिकी डॉलर था, घटकर 30.21 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया है। सोने के आयात में कमी आयात की मांग को नियंत्रित करने के प्रयासों के बीच आई है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इस गिरावट में ऊंचे शुल्कों का कितना योगदान रहा।