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भारत में स्वदेशी नागरिक विमान निर्माण की उम्मीदें बढ़ीं

नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने भारत में स्वदेशी नागरिक विमान निर्माण की संभावनाओं पर प्रकाश डाला है। उन्होंने बताया कि अगले दो वर्षों में संयुक्त उद्यम के माध्यम से पहला विमान तैयार किया जा सकता है। इसके अलावा, उन्होंने विमानन क्षेत्र में विकास के लिए आवश्यक नीतियों और कौशल प्रशिक्षण पर जोर दिया। मंत्री ने टिकाऊ विमानन ईंधन के निर्यातक बनने की क्षमता और कार्बन क्रेडिट व्यवस्था के विकास की भी बात की।
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नागर विमानन मंत्री की नई घोषणाएँ

(फाइल फोटो के साथ) नयी दिल्ली, छह अक्टूबर: नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने मंगलवार को आशा व्यक्त की कि भारत में संयुक्त उद्यम के माध्यम से अगले दो वर्षों में पहला स्वदेशी नागरिक विमान तैयार किया जाएगा। उन्होंने देश के नागर विमानन क्षेत्र में संभावित विकास के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि विमानन कंपनियों ने 1,600 से अधिक विमानों का ऑर्डर दिया है, जिनकी कुल लागत लगभग 100 अरब डॉलर है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि अगले एक दशक में 100 से अधिक नए हवाई अड्डे स्थापित होने की संभावना है।


विमानन क्षेत्र में विकास की संभावनाएँ

वर्तमान में भारत में 165 हवाई अड्डे हैं और घरेलू विमानन कंपनियों के पास लगभग 850 विमानों का बेड़ा है। नायडू ने कहा, 'हम दो साल के भीतर संयुक्त उद्यम के माध्यम से भारत में नागरिक विमानों का निर्माण करने में सक्षम होंगे।' उन्होंने इस क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक तंत्र के निर्माण पर जोर दिया, हालांकि इस संबंध में कोई विशेष जानकारी साझा नहीं की।


उच्चस्तरीय विनिर्माण और कौशल विकास

मंत्री ने कहा, 'हम बेहतरीन नीतियाँ बना सकते हैं।' उन्होंने विमानन क्षेत्र में उच्चस्तरीय विनिर्माण गतिविधियों के लिए सामग्री की गुणवत्ता और कौशल प्रशिक्षण पर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। नायडू ने बताया कि वर्तमान में विमान निर्माता बोइंग और एअरबस भारत से लगभग चार अरब डॉलर मूल्य के कलपुर्जे और सेवाएँ प्राप्त करते हैं, और यह राशि दशक के अंत तक बढ़कर 10 अरब डॉलर होने की उम्मीद है। भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते घरेलू नागर विमानन बाजारों में से एक है।


विमान इंजन निर्माण और टिकाऊ ईंधन

राष्ट्रीय राजधानी में 'इंडियन फाउंडेशन फॉर क्वालिटी मैनेजमेंट' (आईएफक्यूएम) की संगोष्ठी में नायडू ने यह भी कहा कि सरकार देश में विमान इंजन बनाने की संभावनाओं पर विचार कर रही है, लेकिन यह एक लंबी प्रक्रिया होगी। उन्होंने टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक और सीईओ टी. वी. नरेन्द्रन के साथ एक सत्र में भाग लिया। स्थिरता से जुड़े प्रयासों के बारे में मंत्री ने कहा कि भारत टिकाऊ विमानन ईंधन (एसएएफ) का निर्यातक बनने की क्षमता रखता है।


कार्बन क्रेडिट व्यवस्था

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार एक 'कार्बन क्रेडिट' व्यवस्था विकसित करने पर काम कर रही है, जिससे उद्योगों को सहायता मिलेगी।