भारत सरकार ने मेटा से की पूछताछ, इंस्टाग्राम एल्गोरिद्म पर चर्चा
मेटा के अधिकारियों से सरकार की पूछताछ
भारत सरकार के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को मेटा के प्रतिनिधियों से दूसरे दिन भी बातचीत की। इस चर्चा में इंस्टाग्राम के कंटेंट सुझाव एल्गोरिद्म और भारतीय कानूनों के अनुपालन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार किया गया। सरकारी सूत्रों के अनुसार, मेटा के अधिकारियों ने डीपफेक, बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम), बॉट खातों और कृत्रिम सामग्री से संबंधित समस्याओं को स्वीकार किया और कहा कि कंपनी इनसे निपटने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।
बैठक लगभग एक घंटे तक चली, जिसके बाद सरकार ने स्पष्ट किया कि वह इन मुद्दों पर मेटा पर लगातार निगरानी रखेगी और ठोस कदम उठाने की मांग करेगी। सरकार ने मेटा से यह भी पूछा कि क्या वह भारतीय कानूनों का पालन कर रही है, उसके एल्गोरिद्म कैसे कार्य करते हैं, और क्या उसके अनुपालन तंत्र में पर्याप्त सुरक्षा उपाय मौजूद हैं। मेटा ने इस मुद्दे पर सरकार को आश्वासन दिया कि वह इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है। मेटा के वैश्विक मामलों के प्रमुख जोएल केपलन ने सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की।
प्रधानमंत्री मोदी की पोस्ट हटाने का मामला
यह बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फेसबुक पोस्ट को अस्थायी रूप से हटाए जाने के संदर्भ में हो रही है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि मेटा के साथ यह बातचीत तीन से चार दिन तक जारी रहेगी, जिसमें तकनीकी टीम भी सरकार के साथ विस्तृत चर्चा करेगी। सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79 का हवाला देते हुए मेटा को चेतावनी दी कि यदि वह अपने मध्यस्थता दायित्वों का पालन नहीं करती है, तो उसे मिलने वाली ‘सेफ हार्बर’ सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
पिछली बैठक के बाद, सरकारी सूत्रों ने बताया कि मेटा ने प्रधानमंत्री की पोस्ट हटाने के लिए माफी मांगी थी और साथ ही डीपफेक, बाल यौन शोषण सामग्री और भुगतान लेकर कंटेंट को बढ़ावा देने जैसी समस्याओं को भी स्वीकार किया था।
मेटा की ओर से माफी और कदम
केपलन ने एक लिखित बयान में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की पोस्ट पर लगे प्रतिबंध की गलती के लिए मंत्री से माफी मांगी। हालांकि, सरकारी सूत्रों का कहना है कि यह माफी मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग की ओर से आई थी। सरकार ने यह भी सवाल उठाया कि क्या मेटा अवैध सामग्री को रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठा रही है। सूत्रों के अनुसार, कंपनी ने माना कि उसकी प्रणालियां अभी पूरी तरह सक्षम नहीं हैं और वह सभी अवैध सामग्री को नियंत्रित नहीं कर पा रही है।
हाल ही में, प्रधानमंत्री मोदी की एक फेसबुक पोस्ट को लगभग पांच घंटे के लिए हटा दिया गया था, जिसे बाद में मेटा ने बहाल करते हुए इसे कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित कंटेंट फिल्टर की गलती बताते हुए माफी मांगी थी। सरकार ने पिछले महीने इंस्टाग्राम पर कथित बाल यौन शोषण सामग्री वाले विज्ञापनों को लेकर भी मेटा को नोटिस जारी किया था। इन बैठकों में एल्गोरिद्म से जुड़े पक्षपात, प्रमुख खातों की सुरक्षा, डीपफेक और भारतीय कानूनों के अनुपालन जैसे मुद्दों पर गहन चर्चा हो रही है।
