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भारतीय अर्थव्यवस्था में बैंकों से कर्ज लेने की गति में वृद्धि

भारतीय अर्थव्यवस्था में चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बैंकों से कर्ज लेने की गति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों के कॉर्पोरेट लोन और आम जनता के व्यक्तिगत लोन ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कंपनियों ने विभिन्न सेक्टरों में कर्ज लिया है, जबकि व्यक्तिगत लोन में गोल्ड लोन का सबसे बड़ा हिस्सा है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या जानकारी दी गई है।
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बैंकों से कर्ज लेने की रफ्तार में वृद्धि

भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी के साथ, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही, जो अप्रैल से जून तक है, में बैंकों से कर्ज लेने की गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। भारतीय स्टेट बैंक की रिसर्च विंग द्वारा जारी की गई क्रेडिट ग्रोथ रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में देश के कुल बैंक लोन में 5,67,000 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।


कंपनियों और व्यक्तिगत लोन का योगदान

इस वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान बड़ी कंपनियों के कॉर्पोरेट लोन और आम जनता के व्यक्तिगत लोन का है, जिन्होंने मिलकर नए कर्ज का लगभग 63 प्रतिशत हिस्सा लिया है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इंडस्ट्री और व्यक्तिगत लोन सेगमेंट बैंकिंग क्षेत्र में क्रेडिट ग्रोथ के प्रमुख आधार हैं, जिन्हें व्यवसायिक और घरेलू मांग का पूरा समर्थन प्राप्त है।


कंपनियों ने कितना कर्ज लिया?

इस तिमाही में कंपनियों को मिलने वाले लोन में 1,87,000 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। इस कर्ज का लगभग आधा हिस्सा चार प्रमुख सेक्टरों से आया है। इनमें पेट्रोलियम, कोल प्रोडक्ट्स और न्यूक्लियर फ्यूल्स शामिल हैं, जिन्हें सबसे ज्यादा करीब 25,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज मिला।


इसके बाद इंजीनियरिंग को 24,900 करोड़ रुपये, इंफ्रास्ट्रक्चर को 21,700 करोड़ रुपये और केमिकल बनाने वाले व्यवसाय को 20,800 करोड़ रुपये का कर्ज मिला। इन चार प्रमुख क्षेत्रों के अलावा, फूड प्रोसेसिंग, बेसिक मेटल्स, ट्रांसपोर्ट इक्विपमेंट, कंस्ट्रक्शन और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्रों में भी बैंक का लोन बढ़ा है। पिछले वर्ष की तुलना में, कंपनियों के इस क्षेत्र में लोन की वृद्धि 19.2 प्रतिशत रही है।


पर्सनल लोन में गोल्ड लोन का प्रमुख स्थान

आम लोगों के व्यक्तिगत लोन में पिछले वर्ष की तुलना में 15.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस व्यक्तिगत लोन में सबसे बड़ा हिस्सा गोल्ड लोन का है। रिपोर्ट के अनुसार, व्यक्तिगत लोन की कुल वृद्धि में लगभग 42 प्रतिशत यानी 74,200 करोड़ रुपये केवल सोने के गहनों को गिरवी रखकर लिए गए लोन से आए हैं।