भारतीय निवेशकों के लिए म्यूचुअल फंड में गिरावट का संकेत
भारतीय म्यूचुअल फंड में निवेश में कमी
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव का प्रभाव भारतीय घरेलू निवेशकों के मनोबल पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) द्वारा बुधवार को जारी किए गए नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, मई 2026 में इक्विटी म्यूचुअल फंड योजनाओं में शुद्ध निवेश घटकर 22,908 करोड़ रुपये पर आ गया है, जो पिछले एक वर्ष का न्यूनतम स्तर है। यह अप्रैल 2026 में दर्ज 38,440 करोड़ रुपये के निवेश की तुलना में 40 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। इससे पहले, मई 2025 में इक्विटी फंड्स में 19,013 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और युद्ध की स्थिति के कारण निवेशकों ने आक्रामक निवेश से दूरी बना ली है।
विशेषज्ञों की राय
इक्विरस वेल्थ के प्रबंध निदेशक अंकुर पुंज ने कहा कि इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश प्रवाह में कमी बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता और बाजार में अस्थिरता के कारण निवेशकों की सतर्कता को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि वैश्विक घटनाक्रमों, विशेषकर पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण कई निवेशकों ने नई राशि लगाने के बजाय 'देखो और इंतजार करो' की रणनीति अपनाई है।
एसआईपी का प्रदर्शन
हालांकि मासिक आधार पर गिरावट के बावजूद, एसआईपी म्यूचुअल फंड उद्योग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहा। मई में एसआईपी की प्रबंधन अधिक परिसंपत्ति 17.12 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो उद्योग की कुल एयूएम का लगभग 21 प्रतिशत है। मई में म्यूचुअल फंड उद्योग में कुल मिलाकर 64,000 करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध निकासी हुई, जबकि अप्रैल में 3.22 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ था। इसकी मुख्य वजह बॉंड से जुड़ी योजनाओं से 9,600 करोड़ रुपये की निकासी रही।
इक्विटी योजनाओं में निवेश का विश्लेषण
आंकड़ों के अनुसार, मई में इक्विटी योजनाओं में शुद्ध निवेश 22,908 करोड़ रुपये रहा। यह अप्रैल में 38,440 करोड़ रुपये, मार्च में 40,450 करोड़ रुपये, फरवरी में 25,978 करोड़ रुपये और जनवरी में 24,028 करोड़ रुपये था। यह मई 2025 के बाद का सबसे कम निवेश है। अंकुर पुंज ने फिर से कहा कि निवेश प्रवाह में कमी बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता और बाजार में अस्थिरता के कारण है।
फंड श्रेणियों में निवेश
इक्विटी योजनाओं में 'फ्लेक्सी-कैप' फंड में सबसे अधिक 5,175 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ, इसके बाद 'स्मॉल कैप' फंड में 4,945 करोड़ रुपये और मिड कैप फंड में 4,385 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। लार्ज कैप फंड में तुलनात्मक रूप से कम 1,593 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। दूसरी ओर, लाभांश वाली और इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस) में मई में शुद्ध निकासी देखी गई। इसी बीच, गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) में मई में 725 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई, जबकि अप्रैल में इसमें 3,040 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था।
