भारतीय पूंजी बाजार में रिलायंस जियो और एनएसई के सार्वजनिक निर्गम की तैयारी
इस सप्ताह भारतीय पूंजी बाजार में रिलायंस जियो और एनएसई के सार्वजनिक निर्गम की तैयारी से हलचल देखने को मिल सकती है। जियो लगभग 4 अरब डॉलर जुटाने की योजना बना रहा है, जबकि एनएसई भी अपने लंबे समय से प्रतीक्षित सार्वजनिक निर्गम की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन दोनों प्रस्तावों के बीच बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ये पेशकशें निवेशकों का विश्वास मजबूत कर सकती हैं।
| Jun 17, 2026, 20:05 IST
भारतीय पूंजी बाजार में हलचल
इस सप्ताह भारतीय पूंजी बाजार में महत्वपूर्ण गतिविधियाँ देखने को मिल सकती हैं। रिलायंस जियो इन्फोकॉम और राष्ट्रीय शेयर विनिमय (एनएसई) अपने बहुप्रतीक्षित सार्वजनिक निर्गम के लिए कदम उठाने की योजना बना रहे हैं। हाल की जानकारी के अनुसार, ये दोनों संस्थाएं कुछ ही दिनों में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास अपने मसौदा दस्तावेज जमा कर सकती हैं।
रिलायंस जियो का बड़ा सार्वजनिक निर्गम
उद्योगपति मुकेश अंबानी की दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो का सार्वजनिक निर्गम आकार में काफी बड़ा होने की उम्मीद है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी लगभग 4 अरब डॉलर जुटाने की योजना बना रही है। यदि यह प्रस्तावित आकार अंतिम रूप लेता है, तो यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम बन सकता है।
समयसीमा में बदलाव
मुकेश अंबानी ने पिछले वर्ष रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक आम बैठक में कहा था कि कंपनी को 2026 की पहली छमाही में बाजार में सूचीबद्ध किया जाएगा। हालांकि, अब यह समयसीमा पार होती दिखाई दे रही है। इस बीच, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में दबाव देखा गया है और हाल की तिमाही में कंपनी के शुद्ध लाभ में गिरावट आई है।
जियो के सार्वजनिक निर्गम की संरचना में बदलाव
जानकारी के अनुसार, जियो के सार्वजनिक निर्गम की संरचना में बदलाव किया गया है। पहले इसे केवल मौजूदा शेयरधारकों द्वारा हिस्सेदारी बिक्री के रूप में लाने की योजना थी, लेकिन अब नए शेयर जारी कर धन जुटाने पर विचार किया जा रहा है। यह बदलाव कुछ निवेशकों के साथ मूल्यांकन को लेकर मतभेद के बाद किया गया है।
एनएसई का सार्वजनिक निर्गम
दूसरी ओर, राष्ट्रीय शेयर विनिमय भी अपने लंबे समय से प्रतीक्षित सार्वजनिक निर्गम की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बाजार सूत्रों के अनुसार, एनएसई सप्ताह के अंत तक सेबी के पास मसौदा दस्तावेज जमा कर सकता है। कई वर्षों से नियामकीय प्रक्रियाओं और कानूनी मामलों के कारण इसकी सूचीबद्धता में देरी हुई है।
एनएसई का मूल्यांकन
गैर-सूचीबद्ध बाजार में एनएसई के एक शेयर का मूल्य लगभग 1,950 से 2,050 रुपये के बीच है। इसके आधार पर, विनिमय का कुल मूल्यांकन लगभग 5 लाख करोड़ रुपये माना जा रहा है, जिससे यह देश की सबसे मूल्यवान वित्तीय संस्थाओं में से एक बन सकता है।
विश्लेषकों की राय
विश्लेषकों का मानना है कि हाल ही में पुराने सह-स्थान विवाद के समाधान के बाद सूचीबद्धता की राह पहले से अधिक स्पष्ट हो गई है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा है कि एनएसई की आय का एक बड़ा हिस्सा वायदा और विकल्प कारोबार से आता है, जहां नियामकीय बदलावों का प्रभाव पड़ सकता है।
एनएसई का हिस्सेदारी बिक्री
जानकारी के अनुसार, एनएसई का सार्वजनिक निर्गम पूरी तरह हिस्सेदारी बिक्री के रूप में लाया जाएगा। मौजूदा शेयरधारक अपनी लगभग 4 से 4.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच सकते हैं, जिससे 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक जुटाए जाने का अनुमान है।
बाजार की अनिश्चितता
इन दोनों बड़े सार्वजनिक निर्गमों की तैयारी ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक और घरेलू बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव के कारण इस वर्ष सार्वजनिक निर्गमों के माध्यम से जुटाई गई राशि में कमी आई है। फिर भी, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जियो और एनएसई की पेशकश भारतीय पूंजी बाजार में नई ऊर्जा ला सकती है और निवेशकों का विश्वास मजबूत कर सकती हैं।
