भारतीय पेटेंट कार्यालय के लोगो के अनधिकृत उपयोग पर नई पाबंदियाँ
भारतीय पेटेंट कार्यालय के लोगो का उपयोग
अब भारतीय पेटेंट कार्यालय (आईपीओ) के आधिकारिक प्रतीक, लोगो या उसके समान डिज़ाइन का उपयोग बिना संबंधित मंत्रालय की पूर्व अनुमति के नहीं किया जा सकेगा। यह जानकारी उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा जारी एक सार्वजनिक नोटिस में दी गई है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि कोई भी व्यक्ति, व्यापारिक संगठन, डिजिटल प्लेटफॉर्म, ट्रेडमार्क या पेटेंट एजेंट, या कानूनी पेशेवर किसी भी माध्यम - जैसे प्रिंट, डिजिटल, सोशल मीडिया, वेबसाइट या प्रायोजित ऑनलाइन विज्ञापन - में आईपीओ के आधिकारिक लोगो का उपयोग, अनुकूलन या प्रदर्शन बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के नहीं कर सकेंगे।
अनधिकृत उपयोग की समस्या
पेटेंट, डिजाइन एवं ट्रेडमार्क महानियंत्रक कार्यालय (सीजीपीडीटीएम) को यह जानकारी मिली है कि कई व्यक्ति, एजेंसियां, कॉर्पोरेट संस्थाएं, ऑनलाइन कानूनी सेवा प्लेटफॉर्म और अन्य अनधिकृत सेवा प्रदाता अपनी वेबसाइट, सोशल मीडिया खातों, प्रचार सामग्री, स्टेशनरी और डिजिटल विज्ञापनों में आईपीओ के आधिकारिक लोगो और प्रतीकों का कथित रूप से अनधिकृत उपयोग कर रहे हैं। डीपीआईआईटी ने बताया कि आईपीओ का लोगो एक सरकारी पहचान है, जो डीपीआईआईटी के अधीन कार्यरत वैधानिक प्राधिकरण का प्रतिनिधित्व करता है। इसके अनधिकृत उपयोग से आम जनता, पेटेंट आवेदकों और अन्य हितधारकों के बीच सरकारी समर्थन, संबद्धता या मान्यता को लेकर गलत धारणा उत्पन्न हो सकती है।
लोगो के अनधिकृत उपयोग पर चेतावनी
नोटिस में सभी संस्थाओं और व्यक्तियों को ऐसे लोगो या उससे मिलते-जुलते डिज़ाइन को अपनी वेबसाइट, प्रचार बैनर, विजिटिंग कार्ड, ऑनलाइन पोर्टल और एप्लिकेशन इंटरफेस से हटाने के लिए कहा गया है। सरकार ने चेतावनी दी है कि आईपीओ के लोगो का अनधिकृत उपयोग, गलत प्रस्तुतीकरण या उसकी नकल प्रतीक और नाम (अनुचित इस्तेमाल को रोकने वाला) अधिनियम 1950, ट्रेडमार्क अधिनियम, 1999, कॉपीराइट अधिनियम 1957 और सूचना प्रौद्योगिकी कानून, 2000 के तहत कार्रवाई का आधार बन सकता है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ दीवानी एवं आपराधिक कार्रवाई, प्रशासनिक दंड और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को रिपोर्ट करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
सुरक्षा के उपाय
डीपीआईआईटी ने आम जनता, स्टार्टअप और एमएसएमई को बौद्धिक संपदा पंजीकरण से जुड़ी सेवाएं लेने से पहले संबंधित एजेंसियों की प्रमाणिकता की जांच करने की सलाह दी है। इसके साथ ही, पेटेंट और अन्य वैधानिक प्रक्रियाओं से संबंधित आधिकारिक आवेदन, सूचना और संचार के लिए भारतीय पेटेंट कार्यालय के अधिकृत पोर्टल का उपयोग करने की सलाह दी गई है।
