भारतीय युवा प्रांजलि अवस्थी की तकनीकी सफलता की कहानी
प्रौद्योगिकी में युवा प्रतिभा
कम उम्र में तकनीक के क्षेत्र में सफलता पाने वाले युवाओं की कहानियां अक्सर प्रेरणादायक होती हैं। भारतीय मूल की प्रांजलि अवस्थी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है, जिन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। प्रांजलि ने बचपन से ही कोडिंग में रुचि दिखाई और इसे एक सफल व्यवसाय में बदलने में सफल रहीं। आज, उनका नाम युवा उद्यमियों के बीच तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।
बचपन से तकनीक में गहरी रुचि
प्रांजलि का जन्म भारत में हुआ, लेकिन वह अपने परिवार के साथ अमेरिका के फ्लोरिडा में पली-बढ़ी। उनके पिता एक इंजीनियर हैं, और इसी माहौल ने उन्हें तकनीक की ओर आकर्षित किया। कहा जाता है कि उन्होंने केवल सात साल की उम्र में कोडिंग सीखना शुरू किया। समय के साथ, उनकी रुचि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसे क्षेत्रों में बढ़ती गई, जिससे उनके करियर की मजबूत नींव रखी गई।
रिसर्च अनुभव से जन्मा स्टार्टअप का विचार
प्रांजलि ने 13 वर्ष की उम्र में एक रिसर्च इंटर्नशिप में भाग लिया, जहां उन्हें मशीन लर्निंग से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका मिला। इस अनुभव ने उन्हें यह समझने में मदद की कि शोधकर्ताओं को इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी में से आवश्यक डेटा खोजने और व्यवस्थित करने में कितना समय लगता है। इसी चुनौती को अवसर में बदलते हुए, उन्होंने जनवरी 2022 में Delv.AI नामक प्लेटफॉर्म की स्थापना की, जो शोधकर्ताओं को ऑनलाइन स्रोतों से जानकारी खोजने और उसका विश्लेषण करने में सहायता करता है।
कंपनी की वैल्यूएशन 100 करोड़ रुपये के करीब
Delv.AI को तकनीकी क्षेत्र में तेजी से पहचान मिलने लगी। कंपनी ने मियामी में एक स्टार्टअप एक्सेलरेटर कार्यक्रम में भाग लिया, जहां प्रांजलि ने निवेशकों और अनुभवी मेंटर्स से मुलाकात की। इसके बाद, कंपनी को लगभग 4.5 लाख डॉलर की फंडिंग मिली, जिसमें On Deck और Village Global जैसे निवेशकों का सहयोग शामिल था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अब कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 100 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। प्रांजलि ने Georgia Institute of Technology से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की और कम उम्र में तकनीकी उद्यमिता का एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
