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भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरा, फेडरल रिजर्व का सख्त रुख

भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरावट का सामना कर रहा है, जो अमेरिकी फेडरल रिजर्व की कड़ी नीतियों और डॉलर की मजबूती के कारण हो रहा है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, रुपया 94.71 प्रति डॉलर पर पहुंच गया है। इस बीच, घरेलू शेयर बाजारों में भी गिरावट देखी गई है। जानें इस स्थिति का बाजार पर क्या प्रभाव पड़ रहा है और आगे की संभावनाएं क्या हैं।
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भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरा, फेडरल रिजर्व का सख्त रुख

डॉलर की मजबूती से रुपया कमजोर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की कड़ी नीतियों और वैश्विक बाजारों में डॉलर की बढ़ती ताकत के चलते भारतीय मुद्रा बाजार में महत्वपूर्ण गिरावट आई है। बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में, भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 21 पैसे गिरकर 94.71 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, अमेरिकी केंद्रीय बैंक के हालिया बयान के बाद निवेशकों ने डॉलर की ओर रुख किया है, जिससे अन्य मुद्राओं पर दबाव बढ़ा है।


फेडरल रिजर्व का प्रभाव

व्यापारियों ने बताया कि फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के कारण डॉलर सूचकांक 100.23 के स्तर पर पहुंच गया, जो चार महीने का उच्चतम स्तर है। फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को स्थिर रखा, लेकिन संकेत दिया कि इस वर्ष कम से कम एक बार 0.25 प्रतिशत की वृद्धि संभव है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.66 प्रति डॉलर पर खुला और फिर गिरकर 94.71 प्रति डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 21 पैसे की कमी दर्शाता है।


शेयर बाजार में गिरावट

बुधवार को रुपया 10 पैसे की मजबूती के साथ 94.50 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.14 प्रतिशत बढ़कर 100.23 पर रहा। घरेलू शेयर बाजारों में, सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 111.23 अंक गिरकर 77,044.39 अंक पर और निफ्टी 26.85 अंक फिसलकर 24,058.85 अंक पर पहुंच गया।


क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.68 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78.21 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को शुद्ध खरीदार रहे और उन्होंने 101.59 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।