भारतीय रुपये की मजबूती: विदेशी निवेशकों की खरीदारी से मिली राहत
भारतीय रुपये की स्थिति
शुक्रवार का कारोबारी दिन भारतीय मुद्रा के लिए सकारात्मक रहा। विदेशी निवेशकों की निरंतर खरीदारी और भारतीय रिजर्व बैंक के समर्थन से रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी स्थिति को मजबूत बनाए रखा। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में तनाव के कारण रुपये की मजबूती सीमित रही। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक घटनाक्रम आने वाले दिनों में भारतीय मुद्रा की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।
रुपये की कारोबारी स्थिति
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में शुक्रवार को रुपये ने 15 पैसे की बढ़त के साथ 95.35 प्रति अमेरिकी डॉलर पर कारोबार समाप्त किया। कारोबार की शुरुआत 95.40 के स्तर से हुई थी। दिन के दौरान रुपये ने 95.25 का उच्चतम स्तर छुआ, जबकि एक समय यह 95.46 तक गिर गया। अंततः, यह पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में मजबूत होकर बंद हुआ।
पिछले कारोबारी सत्र की तुलना
गुरुवार को रुपये ने 26 पैसे की बढ़त के साथ 95.50 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। यह लगातार पांचवां कारोबारी सत्र था जब भारतीय मुद्रा में मजबूती देखी गई। यह संकेत देता है कि विदेशी निवेशकों का विश्वास भारतीय बाजार में फिर से बढ़ रहा है।
भारतीय रिजर्व बैंक की भूमिका
विशेषज्ञों का कहना है कि इस सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा डॉलर की बिक्री ने रुपये को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों द्वारा घरेलू शेयर बाजार में निरंतर निवेश भी भारतीय मुद्रा के लिए सकारात्मक रहा है।
निवेश का आंकड़ा
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी. के. विजयकुमार के अनुसार, पिछले तीन कारोबारी दिनों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 7,360 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। उन्होंने कहा कि पहले बिकवाली कर रहे विदेशी निवेशकों का फिर से खरीदारी की ओर लौटना रुपये के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
घरेलू शेयर बाजार का प्रदर्शन
घरेलू शेयर बाजार में निवेशकों का रुख सकारात्मक रहा। बंबई शेयर बाजार का संवेदी सूचकांक 166.49 अंकों की बढ़त के साथ 78,094.64 पर बंद हुआ, जबकि राष्ट्रीय शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक 66.45 अंक चढ़कर 24,383.60 के स्तर पर पहुंच गया। विनिमय आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 3,623.51 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जिससे बाजार और रुपये को मजबूती मिली।
