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भारतीय वित्तीय प्रणाली की मजबूती पर आरबीआई की नई रिपोर्ट

भारतीय रिजर्व बैंक की हालिया वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में घरेलू वित्तीय प्रणाली की मजबूती का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की स्थिति का विश्लेषण किया गया है। इसके साथ ही, वैश्विक अर्थव्यवस्था में चल रहे भू-राजनीतिक विभाजन और एआई आधारित साइबर खतरों की चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला गया है। जानें इस रिपोर्ट में और क्या महत्वपूर्ण बातें शामिल हैं।
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आरबीआई की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट का सारांश

भारतीय वित्तीय प्रणाली की मजबूती का आधार मजबूत बैंक और गैर-बैंकिंग संस्थाओं के बही-खाते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा मंगलवार को जारी की गई वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (एफएसआर) में यह जानकारी दी गई है।


रिपोर्ट में बताया गया है कि अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (एससीबी) मजबूत पूंजी, पर्याप्त नकदी भंडार, परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार और स्थिर मुनाफे के कारण सुरक्षित स्थिति में हैं।


वृहद दबाव परीक्षण के परिणाम दर्शाते हैं कि बैंकिंग प्रणाली संभावित झटकों का सामना करने के लिए सक्षम है।


गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की स्थिति

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) भी मजबूत पूंजीकरण और बेहतर लाभप्रदता के साथ वित्तीय रूप से सुदृढ़ बनी हुई हैं।


हालांकि, साइबर खतरों के संदर्भ में कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित हमले निकट भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती माने जा रहे हैं।


वैश्विक अर्थव्यवस्था की चुनौतियाँ

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रिपोर्ट की प्रस्तावना में कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय प्रणाली दो प्रमुख शक्तियों, भू-राजनीतिक विभाजन और एआई में तकनीकी प्रगति के कारण पुनर्गठित हो रही हैं।


उन्होंने कहा कि वैश्विक संघर्षों और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधानों के बावजूद, अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है, जिसका एक कारण एआई आधारित उत्पादकता लाभों के प्रति आशावाद है।


भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती

हालांकि, तेजी से बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच निकट भविष्य का दृष्टिकोण अनिश्चित है।


मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने बाहरी झटकों के बावजूद उल्लेखनीय मजबूती दिखाई है। मजबूत वृद्धि, कम मुद्रास्फीति और कंपनियों के मजबूत बही-खाते ने आर्थिक स्थिरता को बनाए रखने में मदद की है।


उन्होंने यह भी कहा कि हम बाहरी और घरेलू जोखिमों के प्रति सतर्क हैं और सुरक्षा ढांचों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।