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भारतीय शेयर बाजार में अचानक गिरावट, एशियाई संकेतों का असर

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को अचानक गिरावट आई, जिसका मुख्य कारण एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेत और विदेशी निवेशकों की बिकवाली है। दक्षिण कोरिया का KOSPI इंडेक्स 9% गिर गया, जिससे अन्य एशियाई बाजारों पर भी असर पड़ा। मेटल और आईटी शेयरों में मुनाफावसूली के चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स में भी गिरावट आई। निवेशकों के बीच ब्याज दरों में संभावित वृद्धि की चिंता भी बढ़ रही है। जानें इस गिरावट के पीछे के अन्य कारण और बाजार की भविष्यवाणी।
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भारतीय शेयर बाजार में अचानक गिरावट, एशियाई संकेतों का असर

मुंबई में शेयर बाजार में गिरावट


मुंबई: मंगलवार की दोपहर भारतीय शेयर बाजार में अचानक गिरावट आई, जबकि सुबह बाजार की स्थिति स्थिर थी। इस गिरावट के पीछे एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेत, विदेशी निवेशकों की निरंतर बिकवाली और विशेष रूप से आईटी और मेटल शेयरों पर दबाव मुख्य कारण रहे।


दक्षिण कोरिया से बाजार को सबसे बड़ा झटका लगा, जहां का प्रमुख इंडेक्स KOSPI लगभग 9% गिर गया। इसके चलते वहां के स्टॉक एक्सचेंज ने 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकने का निर्णय लिया। इसका प्रभाव अन्य एशियाई बाजारों पर भी पड़ा; जापान का निक्केई 3% से अधिक गिर गया, जबकि चीन और हॉन्गकॉन्ग के बाजारों में भी लगभग 2% की कमी आई।


दबाव के अन्य कारण

मेटल और आईटी शेयरों में मुनाफावसूली


अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीदों से मेटल की कीमतों में हाल ही में जो वृद्धि हुई थी, वह अब धीमी पड़ने लगी है, जिससे मेटल कंपनियों के शेयरों पर दबाव बढ़ गया है। इसके अलावा, दिग्गज टेक कंपनी एक्सेंचर के सतर्क रुख के कारण वैश्विक ब्रोकरेज कंपनियों ने आईटी सेक्टर में मांग में कमी की आशंका जताई है। इस कारण निफ्टी आईटी इंडेक्स लगभग 2% गिर गया, जिसमें टीसीएस और इन्फोसिस जैसे बड़े नामों के शेयर 3% तक नीचे आए।


ब्याज दरों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का डर: निवेशकों के बीच इस बात की चिंता बढ़ रही है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक इस साल के अंत में ब्याज दरें बढ़ा सकता है। इस बीच, विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली का सिलसिला जारी है; उन्होंने सोमवार को बाजार से 635.91 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।


रुपये में कमजोरी: अमेरिकी डॉलर की मजबूती और देश की आर्थिक विकास दर की धीमी गति के कारण भारतीय रुपया 6 पैसे कमजोर होकर प्रति डॉलर 94.69 के स्तर पर पहुंच गया। फार्मा और रियल्टी सेक्टर्स को छोड़कर, निफ्टी के लगभग सभी सेक्टर्स आज लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। छोटे और मझोले शेयरों में भी गिरावट का माहौल था।


विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय में बाजार का ट्रेंड सकारात्मक है, लेकिन हाल की तेजी के बाद निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं, जिससे बाजार की गति पर कुछ समय के लिए ब्रेक लग सकता है। उल्लेखनीय है कि सोमवार को सेंसेक्स 291 अंक बढ़कर 77,094.07 पर और निफ्टी लगभग 90 अंक बढ़कर 24,102.90 के स्तर पर बंद हुआ था।