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भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव: सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट

30 जून को भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट आई। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक तनाव और घरेलू आर्थिक संकेतों ने निवेशकों के विश्वास को प्रभावित किया है। हालांकि, छोटे और मझोले शेयरों में तेजी ने बाजार को कुछ सहारा दिया। जानें आगे की संभावनाएँ और निवेशकों के लिए क्या रणनीतियाँ होनी चाहिए।
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भारतीय शेयर बाजार का हाल


30 जून को भारतीय शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिसके परिणामस्वरूप बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। बिकवाली के दबाव के चलते सेंसेक्स 249.70 अंक गिरकर 76,478.67 के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह, निफ्टी भी 80.50 अंक की कमी के साथ 23,865.75 पर बंद हुआ। हालांकि, बड़े इंडेक्स में गिरावट के बावजूद छोटे और मझोले शेयरों में तेजी आई, जिसने बाजार को कुछ सहारा दिया।


दिनभर के कारोबार का विश्लेषण

इस दिन के कारोबार में लगभग 2,250 शेयरों में वृद्धि हुई, जबकि 1,805 शेयरों में गिरावट आई और 173 शेयरों के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ।


उतार-चढ़ाव का गणित

निफ्टी पर सबसे अधिक नुकसान उठाने वाले शेयरों में आयशर मोटर्स, इन्फोसिस, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, टीसीएस और विप्रो शामिल थे। दूसरी ओर, मारुति सुजुकी, टाइटन, अदाणी एंटरप्राइजेस, बजाज फाइनेंस और टाटा मोटर्स के शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई और ये टॉप गेनर्स बने।


सेक्टर्स का हाल

गिरावट वाले सेक्टर्स: आईटी इंडेक्स में सबसे बड़ी गिरावट आई, जो 2.5% तक गिर गया। इसके अलावा, एफएमसीजी, पीएसयू बैंक और मीडिया सेक्टर्स भी नुकसान में रहे।


बढ़त वाले सेक्टर्स: कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और रियल्टी सेक्टर्स के शेयरों में 1% से अधिक की तेजी आई। निफ्टी मिडकैप में 0.4% और स्मॉलकैप में 1% का उछाल देखा गया।


बाजार में गिरावट की मुख्य वजहें

विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बावजूद निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं। अमेरिकी रोजगार के आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के बयानों का इंतजार किया जा रहा है, जिससे ब्याज दरों के भविष्य का संकेत मिलेगा। घरेलू मोर्चे पर, मानसून की धीमी गति और वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में कंपनियों के कमजोर नतीजों की आशंका ने निवेशकों का भरोसा डगमगाया है। हालांकि, कच्चे तेल की स्थिर कीमतें और विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली में कमी बाजार को बड़ी गिरावट से बचा सकती हैं।


आगे की राह और तकनीकी अनुमान

तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि निफ्टी इस समय अपने महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल के करीब है। यदि निफ्टी 23,800 के स्तर से नीचे गिरता है, तो बाजार में और बड़ी गिरावट आ सकती है। इसके विपरीत, यदि यह स्तर बनाए रखा जाता है, तो बाजार में रिकवरी की संभावना है। बैंक निफ्टी के लिए 57,000–57,100 का स्तर मजबूत सपोर्ट और 58,000–58,200 का स्तर रेजिस्टेंस का काम करेगा। कुल मिलाकर, 1 जुलाई को भी बाजार सीमित दायरे में रहने की उम्मीद है, इसलिए निवेशकों को मजबूत शेयरों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।