भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, आईटी शेयरों पर मुनाफावसूली का असर
शेयर बाजार में गिरावट का माहौल
मुंबई: घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को शुरूआती उत्साह दोपहर तक कम हो गया। सेंसेक्स और निफ्टी ने अपनी शुरुआती बढ़त खो दी और लाल निशान में कारोबार करने लगे। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख के कारण आईटी शेयरों में बिकवाली और कमजोर वैश्विक संकेतों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
मुनाफावसूली का दबाव
हाल के कारोबारी सत्रों में बाजार में तेजी देखने को मिली थी, जिसके चलते निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली शुरू कर दी। ऑटो, मेटल, रियल्टी, ऑयल एंड गैस, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और आईटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में बिकवाली का दबाव देखा गया। हालिया रैली के बाद निवेशकों ने सुरक्षित रणनीति अपनाई, जिससे बाजार की गति कमजोर पड़ी और प्रमुख सूचकांक नीचे गिर गए।
आईटी शेयरों पर फेड का प्रभाव
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को स्थिर रखा है, लेकिन आगे दरें बढ़ने की संभावना के संकेत दिए हैं। इसका सबसे अधिक प्रभाव आईटी कंपनियों के शेयरों पर पड़ा है। इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, विप्रो और टेक महिंद्रा जैसे प्रमुख शेयरों में कमजोरी देखी गई। भारतीय आईटी कंपनियों की आय का एक बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है, इसलिए वहां की आर्थिक नीतियां इन कंपनियों पर सीधा असर डालती हैं।
कमजोर वैश्विक संकेत और रुपये की गिरावट
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी देखी गई, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा। अमेरिकी बाजार पिछले सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए थे। इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले रुपया भी कमजोर हुआ और 21 पैसे गिरकर 94.71 के स्तर पर पहुंच गया। मजबूत डॉलर और बढ़ती अमेरिकी बॉंड यील्ड ने विदेशी निवेशकों की चिंता बढ़ाई, जिससे बाजार का रुख नकारात्मक हो गया।
