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भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी, टाटा समूह के शेयर प्रभावित

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी है, जिसमें बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों नुकसान में रहे। टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की पुनर्नियुक्ति न लेने की घोषणा ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और वैश्विक अनिश्चितता के बीच बाजार में बिकवाली देखी गई। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और बाजार के अन्य संकेतों के बारे में।
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शेयर बाजार में गिरावट का कारण

स्थानीय शेयर बाजारों में बुधवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट देखने को मिली, जिससे दोनों प्रमुख सूचकांक नुकसान में रहे। बीएसई सेंसेक्स 188 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी में 36 अंक की कमी आई।


विश्लेषकों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन द्वारा पुनर्नियुक्ति न लेने की घोषणा ने टाटा समूह के शेयरों में बिकवाली को बढ़ावा दिया, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।


सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन

बीएसई का सेंसेक्स 187.90 अंक यानी 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,966.35 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 656.32 अंक तक गिरकर 77,497.93 अंक पर पहुंच गया था।


वहीं, एनएसई का निफ्टी 35.75 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की कमी के साथ 24,435.95 अंक पर बंद हुआ। टीसीएस का शेयर 3.71 प्रतिशत गिरा। चंद्रशेखरन ने फरवरी 2027 में अपने कार्यकाल के समाप्त होने के बाद पुनर्नियुक्ति न लेने की बात कही है।


अन्य कंपनियों का प्रदर्शन

महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो, इटर्नल और इन्फोसिस के शेयरों में भी गिरावट देखी गई। हालांकि, भारतीय स्टेट बैंक, भारती एयरटेल, अल्ट्राटेक सीमेंट और पावर ग्रिड जैसे शेयर लाभ में रहे।


जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि भारत और अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों के पहले बाजार में सतर्कता बनी रही।


वैश्विक बाजारों का प्रभाव

वैश्विक अनिश्चितता के बीच, दोनों देशों के नीति-निर्माता आंकड़ों के आधार पर कदम उठाने पर जोर दे रहे हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने निवेशकों के भरोसे को प्रभावित किया, जिससे एशियाई बाजारों में बिकवाली देखी गई।


एचएसटी वेल्थ के सीईओ हरीसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा कि घरेलू शेयर बाजारों में व्यापक बिकवाली हुई। कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि ने महंगाई पर चिंता बढ़ा दी है।


बाजार के अन्य संकेत

बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.17 प्रतिशत गिरा, जबकि स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक लगभग स्थिर रहा। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.17 प्रतिशत गिरकर 88.76 डॉलर प्रति बैरल रहा।


दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग नुकसान में रहा।


विदेशी निवेशकों की गतिविधि

यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में सकारात्मक रुख देखने को मिला। अमेरिकी बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे।


शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 258.55 करोड़ रुपये की शुद्ध लिवाली की। इससे पहले, सेंसेक्स 388.19 अंक गिरकर 78,154.25 अंक और निफ्टी 112.10 अंक की गिरावट के साथ 24,471.70 अंक पर बंद हुआ था।