भारतीय शेयर बाजार में गिरावट: निवेशकों की मुनाफावसूली का असर
शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सामना करना पड़ा, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख इंडेक्स नुकसान में बंद हुए। पिछले पांच कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद, निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी। सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में भारी बिकवाली ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और भविष्य की संभावनाएं।
| Jun 19, 2026, 21:19 IST
शेयर बाजार में गिरावट का दौर
हाल के दिनों में लगातार तेजी का अनुभव कर रहे निवेशकों को शुक्रवार को बाजार में एक अलग स्थिति का सामना करना पड़ा। पांच कारोबारी सत्रों तक बढ़त के बाद, घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का दौर लौट आया। दिनभर के कारोबार में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों में भारी बिकवाली ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया, जिसके परिणामस्वरूप प्रमुख इंडेक्स नुकसान के साथ बंद हुए।
निवेशकों की मुनाफावसूली
भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन गिरावट देखी गई। पिछले पांच सत्रों की तेजी का सिलसिला टूट गया और निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी। बाजार पर सबसे अधिक दबाव सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों से आया, जहां बड़े स्तर पर बिकवाली हुई।
सेंसेक्स और निफ्टी का प्रदर्शन
कारोबार के दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 900 अंकों से अधिक गिर गया था। हालांकि, बाद में कुछ रिकवरी देखने को मिली, लेकिन सेंसेक्स 607.08 अंकों यानी 0.78 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,802.90 अंकों पर बंद हुआ।
वहीं, राष्ट्रीय शेयर बाजार का प्रमुख इंडेक्स निफ्टी भी दबाव में रहा। कारोबार के दौरान यह 23,950 अंकों के नीचे चला गया था। अंत में निफ्टी 154.90 अंकों यानी 0.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,013.10 अंकों पर बंद हुआ।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट का कारण आंशिक मुनाफावसूली और कुछ क्षेत्रों में कमजोर संकेत हैं। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 17 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जिसमें इन्फोसिस के शेयर में 6.41 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इसके अलावा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भी नुकसान में रहे।
कुछ कंपनियों का प्रदर्शन
हालांकि, कुछ कंपनियों के शेयरों ने बाजार को आंशिक सहारा देने का प्रयास किया। इटरनल, भारती एयरटेल, और एनटीपीसी के शेयरों में अच्छी बढ़त देखने को मिली।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का प्रदर्शन
देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों में से एक रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर भी दबाव में रहा। कारोबार के दौरान इसमें लगभग डेढ़ प्रतिशत तक की गिरावट आई। शेयर 1,331 रुपये पर खुलने के बाद 1,305.50 रुपये तक गिर गया।
इसके अलावा, रिलायंस समूह की डिजिटल सेवा इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स के सार्वजनिक निर्गम की प्रक्रिया भी आगे बढ़ गई है। कंपनी ने शेयर बाजार को सूचित किया है कि जियो प्लेटफॉर्म्स के निदेशक मंडल ने 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
बाजार का व्यापक प्रदर्शन
व्यापक बाजार में मध्यम और छोटी कंपनियों के सूचकांकों में भी कमजोरी देखी गई। मध्यम आकार की कंपनियों का सूचकांक 0.22 प्रतिशत और छोटी कंपनियों का सूचकांक 0.42 प्रतिशत गिरकर बंद हुआ।
क्षेत्रवार प्रदर्शन
क्षेत्रवार प्रदर्शन में सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र सबसे अधिक दबाव में रहा। रियल एस्टेट, वाहन, और तेल एवं गैस क्षेत्र के सूचकांकों में भी गिरावट आई। हालांकि, दवा क्षेत्र के शेयरों में मजबूती देखने को मिली।
भविष्य की संभावनाएं
जानकारी के अनुसार, विदेशी संकेतों और वैश्विक तकनीकी कंपनियों के कमजोर अनुमानों का असर भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों पर पड़ा है। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक आर्थिक संकेतकों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बनी रहेगी।
