भारतीय शेयर बाजार में गिरावट: सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट
आज का शेयर बाजार अपडेट
भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन कमजोर शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स लगभग 200 अंक गिरकर 72439 के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 में करीब 69 अंक की कमी आई और यह 22,534 के स्तर पर आ गया। शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में और दबाव बढ़ा, और लगभग 9:45 बजे सेंसेक्स 447 अंक और निफ्टी 150 अंक से अधिक नीचे कारोबार कर रहे थे। यह कमजोरी ऐसे समय में आई है जब निवेशक RBI की ब्याज दर में संभावित बढ़ोतरी, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, रुपये की कमजोरी और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली को लेकर सतर्क हैं।
RBI के निर्णय का प्रभाव
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हालिया मौद्रिक नीति निर्णय ने बाजार पर सबसे बड़ा दबाव डाला है। RBI ने रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की वृद्धि कर इसे 5.50% कर दिया है। यह लगभग चार वर्षों में पहली बार है जब ब्याज दरों में वृद्धि की गई है। ब्याज दरों में वृद्धि से कंपनियों की उधारी लागत बढ़ने और आर्थिक गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। इस कारण निवेशकों ने शेयरों में जोखिम कम करने का प्रयास किया।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली भी बाजार के लिए एक बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है। 7 अक्टूबर को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में लगभग ₹6,121 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगभग ₹4,597 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। वैश्विक स्तर पर भी उभरते बाजारों से विदेशी पूंजी का प्रवाह कम हो रहा है। सितंबर में उभरते बाजारों से कुल लगभग $26.3 अरब का आउटफ्लो हुआ, जो ऊंची अमेरिकी ब्याज दरों और मजबूत डॉलर के कारण हुआ।
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि
कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि ने भी भारतीय बाजार की चिंताओं को बढ़ा दिया है। ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग $102.5 प्रति बैरल तक पहुंच गई, जिसमें एक दिन में लगभग 2.2% की वृद्धि हुई। मध्य पूर्व में तनाव और शिपिंग मार्गों को लेकर चिंताओं के कारण तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। भारत अपनी तेल जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिससे महंगा कच्चा तेल देश के आयात बिल, महंगाई और रुपये पर दबाव बढ़ा सकता है।
सेंसेक्स के शेयरों में कारोबार
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स के कई प्रमुख शेयरों में गिरावट देखी गई। ITC, Adani Ports, Bharat Electronics, Bajaj Finance, Bajaj Finserv और InterGlobe Aviation पर दबाव बना रहा। दूसरी ओर, IT शेयरों में अपेक्षाकृत मजबूती दिखाई दी। TCS, HCL Technologies, Tech Mahindra और Infosys में बढ़त देखने को मिली। IT सेक्टर ने व्यापक बाजार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया और TCS के शेयर में भी तेजी रही।
