Newzfatafatlogo

भारतीय शेयर बाजार में तेजी: सेंसेक्स और निफ्टी ने नए उच्चतम स्तर को छुआ

सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी ने महत्वपूर्ण बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते के बाद वैश्विक बाजारों में मजबूती आई है। इस समझौते के चलते कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को लाभ हुआ। जानें इस तेजी के पीछे के कारण और वैश्विक बाजारों पर इसके प्रभाव के बारे में।
 | 
भारतीय शेयर बाजार में तेजी: सेंसेक्स और निफ्टी ने नए उच्चतम स्तर को छुआ

भारतीय शेयर बाजार में उछाल


मुंबई: सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार उछाल देखने को मिला, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने महत्वपूर्ण बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। वैश्विक बाजारों में आई मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट ने इस तेजी को प्रोत्साहित किया है। यह सकारात्मकता अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते के बाद आई है।


सुबह के कारोबार में, बीएसई सेंसेक्स ने 1270 अंक यानी 1.68% की वृद्धि के साथ 76,798 के स्तर को छू लिया। इसी तरह, NSE निफ्टी ने भी 383 अंक यानी 1.62% की बढ़त के साथ 24000 के पार जाने में सफलता पाई। बाजार में खरीदारी का माहौल बना रहा, जिससे स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स भी लाभ में रहे।


तेजी का मुख्य कारण

इस तेजी का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच पिछले 107 दिनों से चल रहे विवाद का अंत है। इस समझौते के बाद 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' से जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो सकेगी, जो कि वैश्विक तेल सप्लाई का लगभग 20% संभालता है। इस निर्णय ने वैश्विक ऊर्जा संकट के डर को समाप्त कर दिया और निवेशकों का विश्वास बढ़ाया।


शांति समझौते की घोषणा के बाद, ब्रेंट क्रूड की कीमतें 4% से अधिक गिरकर लगभग 83 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं। भारत अपनी अधिकांश तेल जरूरतें आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इससे महंगाई पर नियंत्रण, रुपये की मजबूती और व्यापार घाटे में कमी में मदद मिलेगी।


दक्षिण कोरिया और जापान के बाजारों में भी तेजी

वैश्विक स्तर पर, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और जापान का निक्केई बाजार भी तेजी से बढ़ा, जबकि चीन और हॉन्गकॉन्ग के बाजारों में भी सकारात्मकता रही। अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए थे। प्रमुख शेयरों में एचडीएफसी बैंक के शेयर लगभग 2% बढ़ गए, क्योंकि विश्लेषकों का मानना है कि आरबीआई की नई एनआरआई डिपॉजिट स्कीम से बैंक को लाभ होगा।


इसके अलावा, पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के कारण एलएंडटी (L&T) के शेयरों में 3% से अधिक की वृद्धि हुई। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के चलते एयरलाइंस, पेंट, टायर और तेल कंपनियों के शेयरों में भी खरीदारी हुई। साथ ही, भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत हुआ, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव का डर कम हुआ।