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भारतीय शेयर बाजार में दिवाली से पहले तेजी का जश्न

भारतीय शेयर बाजार में दिवाली से पहले उत्साह का माहौल है, जिसमें बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी ने महत्वपूर्ण बढ़त दर्ज की है। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के परिणामों ने बाजार को नई गति दी है, जिससे निवेशकों की धारणा मजबूत हुई है। जानें किस प्रकार विदेशी निवेशकों की खरीदारी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने इस तेजी को बढ़ावा दिया।
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शेयर बाजार में उत्साह का माहौल

मुंबई, 5 नवंबर: स्थानीय शेयर बाजार में दिवाली से पहले का जश्न जारी है। बीते बृहस्पतिवार को बाजार ने लगातार छठे कारोबारी सत्र में तेजी का अनुभव किया, जिसमें बीएसई सेंसेक्स लगभग 2,009 अंक उछलकर 79,310.01 अंक पर बंद हुआ। इसी दौरान, एनएसई निफ्टी भी 24,500 अंक के पार पहुंच गया। यह तेजी अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के परिणामों के बाद पश्चिम एशिया में संघर्ष के समाधान की उम्मीद और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के चलते आई।


मध्यावधि चुनावों का प्रभाव

अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने संसद पर नियंत्रण प्राप्त किया है। इसके साथ ही, विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी और अमेरिकी बाजारों में तेजी ने निवेशकों की धारणा को मजबूत किया। बीएसई सेंसेक्स 2,008.61 अंक यानी 2.60 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।


निफ्टी और सेंसेक्स की स्थिति

कारोबार के दौरान, सेंसेक्स ने 2,168.63 अंक की बढ़त के साथ 79,470.03 अंक तक पहुंचने का रिकॉर्ड बनाया। एनएसई का निफ्टी भी 576 अंक यानी 2.40 प्रतिशत चढ़कर 24,536.60 अंक पर बंद हुआ, जो तीन महीने का उच्चतम स्तर है।


शेयरों में बढ़त और गिरावट

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में बजाज फाइनेंस के शेयर में सबसे अधिक 7.77 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। अन्य कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फिनसर्व में भी अच्छी बढ़त रही। हालांकि, एनटीपीसी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, अदाणी पोर्ट्स और आईटीसी जैसे शेयरों में गिरावट आई।


वैश्विक बाजारों का प्रभाव

पिछले छह कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स ने 6,063.98 अंक यानी 8.27 प्रतिशत की वृद्धि की है, जबकि निफ्टी में 1,837.75 अंक यानी 8 प्रतिशत की तेजी आई है। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड का मूल्य 1.59 प्रतिशत बढ़कर 96.12 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।


निवेशकों की धारणा

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के परिणामों ने भारतीय शेयर बाजार को नई गति दी है। उन्होंने बताया कि वैश्विक तनाव में कमी और ऊर्जा आपूर्ति में सुधार से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है।


विदेशी निवेशकों की भागीदारी

बाजार में तेजी का एक और कारण विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी है। बुधवार को, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 7,284.03 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। नायर के अनुसार, कंपनियों के बेहतर तिमाही परिणामों ने भी बाजार में सकारात्मक माहौल को बढ़ावा दिया।


एशियाई और यूरोपीय बाजारों की स्थिति

एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि चीन में शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त में रहे। यूरोप के बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला।


अमेरिकी बाजारों की स्थिति

अमेरिकी बाजार बुधवार को मजबूत बढ़त के साथ बंद हुए थे, जिसमें डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में 3.03 प्रतिशत, एसएंडपी 500 में 1.58 प्रतिशत और नैस्डैक कम्पोजिट में 1.44 प्रतिशत की वृद्धि हुई।