भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट, वैश्विक संकेतों का असर
भारतीय शेयर बाजार ने 2 सितंबर 2026 को भारी गिरावट का सामना किया, जिसका मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में गिरावट आई, जबकि विदेशी और घरेलू निवेशकों ने खरीदारी जारी रखी। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और बाजार के मौजूदा रुख के बारे में अधिक जानकारी।
| Sep 2, 2026, 09:56 IST
शेयर बाजार की शुरुआत
2 सितंबर 2026, बुधवार को भारतीय शेयर बाजार, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी शामिल हैं, में भारी गिरावट देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और कमजोर वैश्विक संकेतों ने घरेलू बाजार के माहौल को प्रभावित किया। 30-शेयर वाला BSE सेंसेक्स 472.96 अंक या 0.61 प्रतिशत गिरकर 76,471.32 पर खुला, जबकि निफ्टी 196.60 अंक की गिरावट के साथ 23,859.20 पर खुला।
पिछले ट्रेडिंग सेशन की स्थिति
पिछले ट्रेडिंग सेशन में, सेंसेक्स 76,944.28 पर और निफ्टी 50 24,055.80 पर बंद हुआ था। शुरुआती ट्रेडिंग सेशन में व्यापक इंडेक्स भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। BSE मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स 191.17 अंक नीचे था, जबकि BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स 95.48 अंक या 1.04 प्रतिशत गिरकर 9,117.94 पर ट्रेड कर रहा था।
बाजार का नकारात्मक रुख
शुरुआती कारोबार में बाजार का रुख नकारात्मक रहा, जिसमें NSE पर 1,336 शेयरों में बढ़त के मुकाबले 2,180 शेयरों में गिरावट देखी गई। 132 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
गिफ्ट निफ्टी के संकेत
गिफ्ट निफ्टी ने क्या संकेत दिया?
निफ्टी 50 के लिए शुरुआती संकेत देने वाले गिफ्ट निफ्टी ने आज सतर्क शुरुआत का संकेत दिया, क्योंकि यह पिछले बंद भाव 24,051 की तुलना में 25 अंक की गिरावट के साथ 24,026 पर खुला। विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) ने मंगलवार को 1,143.38 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। इसी तरह, घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) ने भी 1,846.94 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
विश्लेषकों की राय
HST वेल्थ के फाउंडर और CEO हरिसेलवन राधाकृष्णन ने कहा, "मंगलवार को विदेशी निवेशकों ने ₹1,143 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की, जिससे दो सेशन से जारी बिकवाली का दौर खत्म हुआ। घरेलू संस्थाओं ने ₹1,847 करोड़ की खरीदारी की, जो निचले स्तरों पर मजबूत सपोर्ट का संकेत है। रुपया भी लगातार तीन सेशन से मजबूत हुआ है और मंगलवार को डॉलर के मुकाबले ₹94.95 के दो महीने के उच्चतम स्तर पर बंद हुआ। 7.8 प्रतिशत की हालिया GDP ग्रोथ घरेलू मांग और साइक्लिकल सेक्टर के लिए मजबूत आधार को और पुख्ता कर रही है।"
एशियाई बाजारों की स्थिति
आज एशियाई बाजार
अमेरिकी शेयरों में व्यापक गिरावट के बाद एशियाई शेयरों पर फिर से दबाव देखा गया। ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमलों के एक और दौर से तेल की कीमतें बढ़ गईं और लगातार ऊंची महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गईं। रिपोर्ट लिखे जाने के समय जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 1,837.34 अंक या 2.77 प्रतिशत गिरकर 64,378 पर था। हांगकांग का हैंग सेंग 294.73 अंक या 1.16 प्रतिशत नीचे आया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 231.88 अंक या 3.39 प्रतिशत गिरा और शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स 32.63 अंक या 0.83 प्रतिशत नीचे रहा।
