भारतीय शेयर बाजार में मजबूती, सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त
भारतीय शेयर बाजार की स्थिति
सोमवार को वैश्विक स्थिरता के संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाई। दिन के अंत में, सेंसेक्स 736.38 अंक या 0.97 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 76,264.33 पर और निफ्टी 231 अंक या 0.98 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,853.90 पर बंद हुआ।
बाजार में व्यापक खरीदारी का माहौल था, जिसमें लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी उछाल देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 781.55 अंक या 1.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ 61,549.65 पर और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 202.55 अंक या 1.11 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 18,400 पर रहा।
निफ्टी रियल्टी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ने सबसे अधिक बढ़त दिखाई। इसके अलावा, निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल, निफ्टी कंजप्शन, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी इन्फ्रा भी हरे निशान में बंद हुए। हालांकि, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी मीडिया लाल निशान में रहे।
सेंसेक्स पैक में ट्रेंट, इंडिगो, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, इटरनल, मारुति सुजुकी, एमएंडएम, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस, टाइटन, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल, आईटीसी और बीईएल प्रमुख गेनर्स रहे। वहीं, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स, एचयूएल, सन फार्मा, टेक महिंद्रा और टाटा स्टील लूजर्स में शामिल थे।
मार्केट विशेषज्ञ सुनिल शाह के अनुसार, भारतीय बाजार में तेजी का मुख्य कारण ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते पर बातचीत का समाप्त होना और एग्रीमेंट की तारीख का तय होना है, जो कि 19 जून निर्धारित की गई है। इससे निवेशकों के बीच सकारात्मक धारणा बनी है।
उन्होंने यह भी बताया कि इससे कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है, जो अब 85 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई है। यह भारतीय बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जिससे डॉलर के मुकाबले रुपए पर दबाव कम होगा।
इसके अलावा, हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने से कच्चे तेल की आपूर्ति में वृद्धि होगी, जो भारतीय बाजार के लिए और भी अच्छे संकेत हैं।
