भारतीय शेयर बाजार में शानदार वापसी, सेंसेक्स में बड़ी बढ़त
भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शानदार प्रदर्शन किया, जहां सेंसेक्स ने 964.58 अंकों की बढ़त के साथ कारोबार समाप्त किया। जबकि निफ्टी ने 24,330 के स्तर को पार किया। वैश्विक बाजारों में गिरावट के बावजूद, भारतीय आईटी कंपनियों ने मजबूती दिखाई। जानें विशेषज्ञों की राय और भविष्य की चुनौतियों के बारे में इस लेख में।
| Jul 17, 2026, 19:51 IST
भारतीय शेयर बाजार की मजबूती
सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन, भारतीय शेयर बाजार ने निवेशकों को राहत देते हुए शानदार प्रदर्शन किया। वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट के बावजूद, घरेलू बाजार ने मजबूती के साथ कारोबार समाप्त किया। बंबई शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 964.58 अंकों की वृद्धि के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी 24,330 के स्तर को पार करते हुए कारोबार समाप्त करने में सफल रहा।
वैश्विक बाजारों की स्थिति
शुक्रवार को एशिया और यूरोप के अधिकांश बाजारों में दबाव देखा गया। जापान का निक्केई, चीन का शंघाई समग्र सूचकांक और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। ताइवान का प्रमुख शेयर सूचकांक भी तकनीकी सुधार के चलते दो महीने के निचले स्तर तक गिर गया। यूरोपीय बाजारों में भी कारोबार के दौरान कमजोरी बनी रही।
अमेरिकी बाजारों का दबाव
अमेरिका में बाजार खुलने से पहले भी दबाव के संकेत मिले। विशेष रूप से प्रौद्योगिकी और सेमीकंडक्टर क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखी गई। निवेशकों ने इस क्षेत्र के ऊंचे मूल्यांकन को देखते हुए मुनाफावसूली की, जिससे वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी शेयरों पर दबाव बना रहा।
भारतीय आईटी कंपनियों की स्थिति
हालांकि, इस वैश्विक कमजोरी का भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों पर कोई असर नहीं पड़ा। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयर में लगभग तीन प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि टेक महिंद्रा में चार प्रतिशत की बढ़त देखी गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर तिमाही नतीजों की उम्मीद और डॉलर में कमजोरी ने इस क्षेत्र को समर्थन दिया।
अन्य प्रमुख कंपनियों का प्रदर्शन
इसके अलावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में लगभग ढाई प्रतिशत, हिंदुस्तान यूनिलीवर में करीब दो प्रतिशत और महिंद्रा एंड महिंद्रा में भी लगभग दो प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इन प्रमुख कंपनियों में खरीदारी से बाजार को मजबूती मिली और निवेशकों का विश्वास बना रहा।
विशेषज्ञों की राय
शेयर बाजार विशेषज्ञ मयंक जैन के अनुसार, शुक्रवार की तेजी के बावजूद पूरे सप्ताह बाजार सीमित दायरे में ही कारोबार करता रहा। निफ्टी का 24 हजार के ऊपर टिके रहना तकनीकी रूप से सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जिससे बड़ी गिरावट की आशंका कम हुई है।
भविष्य की चुनौतियाँ
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि 24,500 से 25,600 अंकों का दायरा अभी भी बाजार के लिए एक मजबूत बाधा बना हुआ है। यदि यह स्तर पार नहीं होता है, तो आगे की तेजी सीमित रह सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, सबसे बड़ा जोखिम अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमत है। ब्रेंट कच्चे तेल का भाव 85 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने से महंगाई बढ़ सकती है, कंपनियों की लागत पर दबाव आ सकता है, और रुपये पर भी असर पड़ सकता है। इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। यदि इन मोर्चों पर स्थिति बिगड़ती है, तो आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, पूरे सप्ताह के आधार पर निफ्टी में लगभग 0.5 प्रतिशत और सेंसेक्स में करीब 0.8 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है।
