भारतीय सरकारी बॉंड पर प्रतिफल में गिरावट की संभावना: एसबीआई रिसर्च
भारतीय सरकारी बॉंड पर प्रतिफल का अनुमान
मुंबई, एक नवंबर: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा ब्याज दरों में आधा प्रतिशत की वृद्धि के बावजूद, मार्च 2027 तक भारतीय सरकारी बॉंड पर प्रतिफल 6.75 से 7 प्रतिशत के बीच आ सकता है। यह जानकारी एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट में दी गई है, जिसमें कहा गया है कि कम उधारी और प्रतिफल के ऐतिहासिक रुझानों के कारण बाजार को समर्थन मिलने की संभावना है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के 10 वर्षीय सरकारी प्रतिभूति पर प्रतिफल मार्च 2027 के अंत तक 6.75 प्रतिशत से 7 प्रतिशत के दायरे में स्थिर रह सकता है।
वर्तमान में, 10 वर्षीय सरकारी प्रतिभूति पर प्रतिफल लगभग 7.43 प्रतिशत है, और भारतीय तथा अमेरिकी 10 वर्षीय सरकारी बॉंड के बीच का अंतर लगभग 2.50 प्रतिशत बना हुआ है। एसबीआई रिसर्च ने यह भी कहा कि 2019 के बाद के आंकड़ों के अनुसार, 2-3 प्रतिशत का अंतर बनाए रखने की संभावना अधिक है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि रेपो दर को 0.50 प्रतिशत बढ़ाकर 6 प्रतिशत किया जाता है, तब भी 10 वर्षीय बॉंड का प्रतिफल 6.75 से 7 प्रतिशत के दायरे में ही रहेगा।
हालांकि, रिपोर्ट में यह चेतावनी भी दी गई है कि अल्पावधि में प्रतिफल में 7.6 प्रतिशत तक की वृद्धि की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। इसका कारण यह है कि जब प्रतिफल 7.15-7.2 प्रतिशत के स्तर को पार कर गया, तो बाजार के कुछ प्रतिभागी इसके लिए तैयार नहीं थे और अब वे अपनी हिस्सेदारी घटा रहे हैं, जिससे इसमें तेजी आ रही है। एसबीआई रिसर्च का अनुमान है कि भारतीय सरकारी बॉंड बाजार में लगभग 1.52 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त आपूर्ति है, जबकि अनुमानित मांग 19.88 लाख करोड़ रुपये है, जबकि कुल आपूर्ति 21.40 लाख करोड़ रुपये है।
