महंगाई की नई लहर: थोक और खुदरा दरों में वृद्धि
महंगाई का बढ़ता दबाव
देश में महंगाई एक बार फिर से लोगों की आर्थिक स्थिति पर भारी पड़ती नजर आ रही है। जून के आंकड़ों के अनुसार, खुदरा महंगाई के साथ-साथ थोक महंगाई दर में भी वृद्धि हुई है। खाद्य वस्तुओं, प्राथमिक उत्पादों और आपूर्ति लागत में बढ़ोतरी का प्रभाव बाजार में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि थोक स्तर पर कीमतों में वृद्धि का असर आने वाले महीनों में खुदरा बाजार पर भी पड़ेगा, जिससे उपभोक्ताओं के खर्च में और बढ़ोतरी हो सकती है.
थोक महंगाई में चिंताजनक वृद्धि
जून में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर 9.87% तक पहुंच गई, जो मई में 9.68% थी। आंकड़ों के अनुसार, प्राथमिक उत्पादों की महंगाई 4.99% से बढ़कर 7% हो गई है। खाद्य महंगाई भी 4.49% से बढ़कर 5.49% तक पहुंच गई। हालांकि, ईंधन और बिजली की श्रेणी में महंगाई कुछ कम होकर 27.41% रही, जबकि विनिर्मित उत्पादों की महंगाई 7.48% पर स्थिर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि थोक स्तर पर बढ़ती लागत का प्रभाव धीरे-धीरे खुदरा बाजार में भी दिखाई देगा, जिससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिलने की संभावना कम है.
खुदरा महंगाई भी आरबीआई के लक्ष्य से ऊपर
जून में खुदरा महंगाई दर 4.38% रही, जो मई के 3.93% से अधिक है। यह स्तर भारतीय रिजर्व बैंक के 4% के लक्ष्य से ऊपर है। खाद्य महंगाई बढ़कर 5.32% हो गई, जबकि कोर महंगाई भी 4.1% तक पहुंच गई। रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर परिवारों के मासिक बजट पर पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों तक खाने-पीने की चीजें, परिवहन और अन्य आवश्यक सेवाएं महंगी होने से लोगों की खर्च करने की क्षमता पर दबाव बढ़ गया है.
वैश्विक घटनाक्रम और RBI की चुनौतियाँ
सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में अनिश्चितता का असर कच्चे तेल की आपूर्ति और लागत पर पड़ा है। भारत अपनी तेल जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक घटनाओं का सीधा असर घरेलू महंगाई पर पड़ता है। इस बीच, आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए महंगाई का अनुमान बढ़ाकर 5.1% कर दिया है, जबकि आर्थिक वृद्धि का अनुमान घटाकर 6.6% किया गया है। इस प्रकार, केंद्रीय बैंक के सामने महंगाई को नियंत्रित करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है.
