महानदी कोलफील्ड्स को आईपीओ के लिए सेबी से मिली मंजूरी
महानदी कोलफील्ड्स का आईपीओ
नई दिल्ली, 5 नवंबर: ओडिशा स्थित महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) को अपने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए पूंजी बाजार नियामक सेबी से स्वीकृति प्राप्त हुई है। इस संबंध में जानकारी बृहस्पतिवार को मिली। सेबी ने 4 नवंबर को कंपनी के आईपीओ के मसौदा दस्तावेजों पर अपनी अंतिम टिप्पणी जारी की।
यह टिप्पणी आईपीओ प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इसके बाद, कंपनी नियामकीय आवश्यकताओं को पूरा करते हुए सार्वजनिक निर्गम की तैयारी कर सकती है। एमसीएल ने सितंबर में भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के समक्ष अपना मसौदा विवरण-पत्र प्रस्तुत किया था।
प्रस्तावित आईपीओ पूरी तरह से बिक्री पेशकश (ओएफएस) पर आधारित होगा, जिसमें कोल इंडिया लिमिटेड, जो कंपनी की प्रवर्तक है, 66,18,36,300 तक इक्विटी शेयर बेचेगी। चूंकि यह एक पूरी तरह से बिक्री पेशकश है, इसलिए एमसीएल को इस सार्वजनिक निर्गम से कोई राशि प्राप्त नहीं होगी, और सभी धनराशि कोल इंडिया को जाएगी।
1992 में स्थापित एमसीएल ने वित्त वर्ष 2025-26 में 21.83 करोड़ टन कोयले का उत्पादन किया। मसौदा दस्तावेजों में क्रिसिल की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह देश के कुल गैर-कोकिंग कोयला उत्पादन का लगभग 22.4 प्रतिशत है। एमसीएल, कोल इंडिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक सहायक कंपनी है।
वित्त वर्ष 2025-26 में कोल इंडिया के कुल कोयला उत्पादन में एमसीएल की हिस्सेदारी 28 प्रतिशत रही। कोल इंडिया देश के घरेलू कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक का योगदान करती है। प्रस्तावित सूचीबद्धता कोल इंडिया की योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अपनी सहायक कंपनियों का मूल्य बढ़ाना है।
इस वर्ष, कोल इंडिया ने अपनी दो सहायक कंपनियों- भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) को जनवरी में और सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टिट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआई) को मार्च में शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराया है।
