महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड का आईपीओ सेबी के पास दाखिल
महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड का आईपीओ
नई दिल्ली, 2 सितंबर: महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) ने अपने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के समक्ष प्रारंभिक दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं। इस प्रस्तावित आईपीओ के तहत, इसकी प्रवर्तक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड अपनी 10 प्रतिशत हिस्सेदारी का विक्रय करेगी। दस्तावेजों के मसौदे (डीआरएचपी) के अनुसार, यह आईपीओ पूरी तरह से बिक्री पेशकश (ओएफएस) के रूप में होगा।
इस प्रक्रिया में कोल इंडिया एमसीएल के 66,18,36,300 शेयरों की बिक्री करेगी। इसमें कोई नए शेयर जारी नहीं किए जाएंगे। डीआरएचपी 31 अगस्त को प्रस्तुत किया गया था।
चूंकि निर्गम में केवल ओएफएस शामिल है, ओडिशा स्थित एमसीएल को आईपीओ से कोई धनराशि प्राप्त नहीं होगी। शेयरों की बिक्री से प्राप्त सभी धनराशि कोल इंडिया को मिलेगी। देश के प्राथमिक बाजार में इस वर्ष की अपेक्षाकृत धीमी शुरुआत के बाद कारोबारी गतिविधियों में तेजी के बीच यह आईपीओ दस्तावेज प्रस्तुत किया गया है।
एमसीएल की स्थापना 1992 में हुई थी और इसने वित्त वर्ष 2025-26 में 21.83 करोड़ टन कोयले का उत्पादन किया। यह कोल इंडिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक सहायक कंपनी है और पिछले वित्त वर्ष में इसने कोल इंडिया के कुल कोयला उत्पादन में लगभग 28 प्रतिशत का योगदान दिया। कोल इंडिया देश के कुल कोयला उत्पादन में 80 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी रखती है।
कोल इंडिया ने इस वर्ष पहले ही अपनी दो सहायक कंपनियों - भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) और सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टिट्यूट लिमिटेड (सीएमपीडीआई) को सूचीबद्ध कराया है। कोल इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक बी साईराम ने सोमवार को कहा था कि उनकी दो प्रमुख सहायक कंपनियों - साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) और एमसीएल के आईपीओ इस वित्त वर्ष में पूरे कर लिए जाएंगे।
