Newzfatafatlogo

महाराष्ट्र में दक्षिण कोरियाई निवेश को बढ़ावा देने का आह्वान

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दक्षिण कोरियाई कंपनियों से राज्य में विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने का आग्रह किया है। उन्होंने निवेश के लिए एकल खिड़की प्रणाली और निर्बाध प्रक्रिया का आश्वासन दिया। इस अवसर पर दक्षिण कोरिया के राजदूत भी मौजूद थे। फडणवीस ने कहा कि राज्य ने एक मजबूत औद्योगिक वातावरण विकसित किया है और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए 'इन्वेस्ट महाराष्ट्र' मंच की स्थापना की है। जानें इस निवेश के पीछे की रणनीतियाँ और राज्य के वाहन उद्योग में योगदान।
 | 

मुख्यमंत्री का निवेश के लिए आह्वान

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को दक्षिण कोरियाई कंपनियों से राज्य में विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने की अपील की। उन्होंने निवेश के लिए एक निर्बाध प्रक्रिया और एकल खिड़की प्रणाली के माध्यम से सभी आवश्यक सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। यह बयान उन्होंने पुणे के निकट तलेगांव में हुंदै मोटर इंडिया के विनिर्माण संयंत्र के उद्घाटन समारोह में दिया।


दक्षिण कोरिया के राजदूत की उपस्थिति

इस अवसर पर दक्षिण कोरिया के राजदूत ली सियोंग-हो समेत कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र ने एक मजबूत औद्योगिक वातावरण तैयार किया है और राज्य विभिन्न क्षेत्रों में दक्षिण कोरियाई कंपनियों के निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, 'सभी कोरियाई उद्योगपतियों को महाराष्ट्र में आना चाहिए।'


निवेश प्रक्रिया को सरल बनाना

फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए 'इन्वेस्ट महाराष्ट्र' मंच की स्थापना की है, ताकि कंपनियों को मंजूरी और अन्य सहायता के लिए विभिन्न विभागों के चक्कर न लगाने पड़े। हुंदै के भारत में 30 वर्ष पूरे होने पर मुख्यमंत्री ने कंपनी को बधाई दी और महाराष्ट्र में उसके प्रवेश का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि तलेगांव स्थित संयंत्र राज्य के वाहन विनिर्माण क्षेत्र को और मजबूत करेगा।


निवेश और उत्पादन क्षमता में वृद्धि

फडणवीस ने बताया कि कंपनी ने प्रारंभ में इस संयंत्र में 7,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बनाई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 11,000 करोड़ रुपये कर दिया गया। इसके साथ ही, संयंत्र की प्रस्तावित उत्पादन क्षमता भी 1.7 लाख वाहनों से बढ़ाकर 3.2 लाख वाहनों कर दी गई है। महाराष्ट्र के वाहन उद्योग में योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य का कुल वाहन विनिर्माण में 23 प्रतिशत और वाहन निर्यात में 27 प्रतिशत हिस्सा है।


चालक रहित वाहनों पर विचार

हालांकि, फडणवीस ने यह भी कहा कि भारत में चालक रहित वाहनों को प्राथमिकता देने के बजाय अन्य स्वचालन प्रौद्योगिकियों पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए, क्योंकि देश में चालकों की बड़ी संख्या उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि चालक रहित कारें उन देशों के लिए उपयोगी हो सकती हैं, जहां बुजुर्गों की जनसंख्या अधिक है और युवा श्रमिकों की कमी है। लेकिन भारत में चालकों की बड़ी कार्यबल को देखते हुए इस तकनीक को फिलहाल प्राथमिकता नहीं दी जानी चाहिए।