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महिंद्रा एंड महिंद्रा की एसयूवी कीमतों में संभावित वृद्धि

महिंद्रा एंड महिंद्रा अपने स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) की कीमतों में एक बार फिर वृद्धि करने की योजना बना रही है। कंपनी ने हाल ही में जिंस की कीमतों में बढ़ोतरी को देखते हुए अगले कुछ हफ्तों में इस पर निर्णय लेने का संकेत दिया है। महिंद्रा के सीईओ नलिनीकांत गोल्लागुंटा ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में कीमतों में वृद्धि के बावजूद ग्राहकों की मांग में कोई कमी नहीं आई है। आगामी त्योहारी सीजन में मांग के मजबूत रहने की उम्मीद है। जानें कंपनी की उत्पादन योजनाएं और इलेक्ट्रिक वाहनों पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति।
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महिंद्रा की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी

महिंद्रा एंड महिंद्रा अपने स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) की कीमतों में एक बार फिर वृद्धि करने पर विचार कर रही है। कंपनी ने हाल ही में जिंस की कीमतों में बढ़ोतरी को देखते हुए अगले दो सप्ताह में इस पर निर्णय लेने की योजना बनाई है। महिंद्रा समूह के वाहन विभाग के सीईओ नलिनीकांत गोल्लागुंटा ने एक साक्षात्कार में बताया कि इस वर्ष जनवरी, अप्रैल और जुलाई में पहले ही तीन बार कीमतें बढ़ाई जा चुकी हैं। जुलाई में एसयूवी की कीमतों में लगभग 2.7 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी।


गोल्लागुंटा ने कहा कि जिंस की कीमतों में हालिया वृद्धि को ध्यान में रखते हुए कंपनी यह तय करेगी कि क्या एक और बढ़ोतरी की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल की कीमतों में वृद्धि का ग्राहकों की मांग और बुकिंग पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ा है। महिंद्रा के वाहन अब भी जीएसटी में कटौती से पहले की कीमतों की तुलना में कम कीमत पर उपलब्ध हैं, जिससे मांग में स्थिरता बनी हुई है।


आगामी त्योहारी सीजन में महिंद्रा और पूरे वाहन उद्योग में मांग के मजबूत रहने की उम्मीद है। गोल्लागुंटा ने इसकी वजह जीएसटी कटौती के बाद कीमतों में कमी और उत्पाद पोर्टफोलियो में बदलाव को बताया। हाइब्रिड तकनीक पर बात करते हुए, उन्होंने कहा कि महिंद्रा का मुख्य ध्यान इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) पर है।


उन्होंने यह भी कहा कि यदि नियामकीय ढांचे में बदलाव होता है, तो कंपनी अपनी रणनीति को समायोजित कर सकती है, लेकिन वर्तमान में बिजली चालित परिवहन प्राथमिकता है। महिंद्रा की उत्पादन क्षमता के बारे में उन्होंने बताया कि कंपनी हर महीने लगभग 60,000 पारंपरिक इंजन (आईसीई) वाहन और 8,000 इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन कर सकती है।


मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत तक आईसीई क्षमता को 70,000 और ईवी क्षमता को 12,000 वाहन प्रति माह तक बढ़ाने की योजना है, जिससे कुल मासिक क्षमता लगभग 84,000 वाहनों तक पहुंच जाएगी। गोल्लागुंटा ने कहा कि कंपनी अगले दो तिमाहियों में कई नए उत्पादों के साथ बदलाव पेश करेगी और दो नए मॉडल लॉन्च करेगी।