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महिंद्रा एंड महिंद्रा ने ट्रक और बस कारोबार का एसएमएल महिंद्रा को हस्तांतरण किया

महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अपने ट्रक और बस कारोबार को 525 करोड़ रुपये में एसएमएल महिंद्रा को हस्तांतरित करने की योजना की घोषणा की है। इस कदम का उद्देश्य एसएमएल महिंद्रा को तेजी से विकास में मदद करना है। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2029-31 तक 12,500 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त करना है। इस लेख में जानें कि यह अधिग्रहण कैसे वाणिज्यिक वाहन क्षेत्र में बदलाव ला सकता है और इसके पीछे की रणनीतियाँ क्या हैं।
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महिंद्रा एंड महिंद्रा का पुनर्गठन

मुंबई, 29 जुलाई: वाहन निर्माता महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) ने बुधवार को अपनी पुनर्गठन योजना का ऐलान करते हुए बताया कि वह अपने ट्रक और बस व्यवसाय को 525 करोड़ रुपये में अपनी सहायक कंपनी एसएमएल महिंद्रा को सौंपेगा। शेयर बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार, इस कदम से एसएमएल महिंद्रा को तेजी से विकास करने में सहायता मिलेगी, जिसमें एमएंडएम की लगभग 59 प्रतिशत हिस्सेदारी है।


कंपनी ने यह भी बताया कि उनका उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2029-31 तक 12,500 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त कर भारत की चौथी सबसे बड़ी वाणिज्यिक वाहन निर्माता बनना है। एसएमएल महिंद्रा और एमएंडएम के ट्रक और बस कारोबार का संयुक्त राजस्व 6,000 करोड़ रुपये से कम है। महिंद्रा समूह ने पिछले वर्ष एसएमएल इसुजु में बहुलांश हिस्सेदारी खरीदी थी।


कंपनी मध्यम और हल्के वाणिज्यिक वाहनों के क्षेत्र में मजबूत स्थिति रखती है। अधिग्रहण के बाद, इसका नाम बदलकर एसएमएल महिंद्रा रखा गया। वहीं, समूह का ट्रक और बस कारोबार भारी वाणिज्यिक वाहनों के क्षेत्र में अधिक मजबूत है।


एसएमएल महिंद्रा के चेयरमैन विनोद सहाय ने कहा कि प्रस्तावित अधिग्रहण से ट्रक और बस पर केंद्रित एकीकृत वाणिज्यिक वाहन कारोबार का निर्माण होगा। दोनों व्यवसायों के एक साथ आने से एकीकृत उत्पाद विकास योजना पर कार्य किया जाएगा, उत्पाद प्लेटफार्मों और प्रौद्योगिकियों को साझा किया जाएगा, और ब्रांड की पहचान का बेहतर उपयोग किया जाएगा। शेयर बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार, कारोबार हस्तांतरण समझौते (बीटीए) पर 7 अगस्त तक हस्ताक्षर किए जाएंगे और इस सौदे को जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।


महिंद्रा एंड महिंद्रा के मुख्य वित्त अधिकारी अमरज्योति बरुआ ने कहा कि कंपनी ने ‘स्लंप सेल’ (एकमुश्त बिक्री) का विकल्प इसलिए चुना क्योंकि उनका मानना है कि एसएमएल के शेयरधारकों को कंपनी का मूल्यांकन मौजूदा स्थिति के आधार पर मिलना चाहिए, जिसमें भविष्य की संभावनाओं को शामिल नहीं किया जाना चाहिए।