महिलाओं की फ्रंटलाइन नौकरियों में बढ़ती भागीदारी: रिपोर्ट में नई जानकारियाँ
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी
हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, 'फ्रंटलाइन' नौकरियों के लिए आने वाले आवेदनों में महिलाओं की हिस्सेदारी 43.5 प्रतिशत तक पहुँच गई है। हालांकि, केवल 13 प्रतिशत नौकरी विज्ञापनों में महिलाओं को विशेष रूप से लक्षित किया गया है। फ्रंटलाइन नौकरियों का तात्पर्य उन रोजगारों से है, जहाँ कर्मचारी सीधे ग्राहकों या दैनिक कारोबारी गतिविधियों से जुड़े होते हैं।
वर्कइंडिया की रोजगार रिपोर्ट
वर्कइंडिया द्वारा जारी की गई 'रोजगार रिपोर्ट' में बताया गया है कि महिला आवेदकों की हिस्सेदारी पिछले वर्ष के 40.4 प्रतिशत से बढ़कर 43.5 प्रतिशत हो गई है। यह रिपोर्ट अप्रैल से जून 2026 के बीच 772 शहरों और 50 से अधिक फ्रंटलाइन नौकरी श्रेणियों में 6.5 लाख से अधिक नौकरी विज्ञापनों और 98 लाख से अधिक आवेदनों के विश्लेषण पर आधारित है। वर्कइंडिया के सह-संस्थापक और सीईओ नीलेश डूंगरवाल ने कहा कि महिलाओं का रोजगार की तलाश करना एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन नियोक्ताओं को और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है।
महिलाओं के लिए नौकरी के अवसर
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि महिलाओं के आवेदनों में वृद्धि विभिन्न नौकरी श्रेणियों में देखी गई है। बिक्री क्षेत्र में सबसे अधिक 56 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसके बाद कार्यालय आधारित भूमिकाएँ और यात्रा एवं आतिथ्य क्षेत्र का स्थान है। ब्यूटीशियन पदों के लिए महिलाओं की हिस्सेदारी 86.6 प्रतिशत और शिक्षण पदों के लिए 80.7 प्रतिशत रही। इसके अलावा, महिलाएं बिक्री, कार्यालय, विपणन और ग्राहक सेवा से जुड़ी अन्य फ्रंटलाइन नौकरियों में भी रुचि दिखा रही हैं।
भाषाई आवश्यकताएँ
रिपोर्ट के अनुसार, जून-जुलाई के दौरान नौकरी आवेदनों में सालाना आधार पर 65 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि नौकरी विज्ञापनों में 40-48 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। यह भी बताया गया है कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), मानव संसाधन, लेखा, बिक्री और कार्यालय आधारित भूमिकाओं में प्रतिस्पर्धा अधिक है, जबकि डिलिवरी, ड्राइविंग और विनिर्माण क्षेत्र में आवेदन अपेक्षाकृत कम हैं। 92 प्रतिशत फ्रंटलाइन नौकरी विज्ञापनों में अंग्रेजी की आवश्यकता नहीं थी या केवल बुनियादी स्तर की अंग्रेजी जानने की अपेक्षा की गई थी, जो हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की महत्ता को दर्शाता है।
