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माइक्रोसॉफ्ट का स्वैच्छिक निकास प्रस्ताव: 60,000 कर्मचारियों पर असर

माइक्रोसॉफ्ट ने भारत सहित चार देशों में अपने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक निकास का प्रस्ताव रखा है, जिससे लगभग 60,000 कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं। एक भारतीय डेवलपर ने सोशल मीडिया पर अपनी चिंता व्यक्त की है, क्योंकि उन्हें केवल तीन महीने में नौकरी छोड़ने का ईमेल मिला। इस स्थिति ने टेक उद्योग में हलचल मचा दी है, और कर्मचारियों के बीच अनिश्चितता बढ़ गई है। क्या वे इस ऑफर को स्वीकार करें या नौकरी से निकाले जाने का इंतज़ार करें? जानें इस जटिल स्थिति के बारे में।
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माइक्रोसॉफ्ट का बड़ा कदम

वैश्विक सॉफ्टवेयर दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट ने भारत समेत चार देशों में अपने हजारों कर्मचारियों के लिए 'स्वैच्छिक निकास' का विकल्प पेश किया है, जिससे टेक उद्योग में हलचल मच गई है। रिपोर्टों के अनुसार, इस निर्णय से लगभग 60,000 कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं। इस बीच, एक भारतीय सॉफ्टवेयर डेवलपर का अनुभव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'रेडिट' पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें माइक्रोसॉफ्ट में शामिल हुए केवल तीन महीने हुए थे, जब उन्हें नौकरी छोड़ने का ईमेल मिला।


डेवलपर की चिंता

'क्लॉक-मेकर365' नाम के यूजरनेम वाले इस डेवलपर ने 'डेवलपर्सइंडिया' सबरेडिट पर एक पोस्ट में लिखा, "मैं बहुत परेशान हूँ। मैं यहाँ केवल 3 महीने पहले शामिल हुआ हूँ और मुझे कोडबेस के बारे में बहुत कम जानकारी है।" उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें ईमेल कुछ घंटे पहले मिला, जिसमें 1 दिसंबर तक अपना भविष्य तय करने की समय-सीमा दी गई है।


भविष्य की अनिश्चितता

डेवलपर ने चिंता व्यक्त की कि सभी कर्मचारियों को यह ईमेल नहीं मिला है। उन्होंने कहा, "यह ऑफर बहुत से लोगों के लिए है, लेकिन ईमेल केवल कुछ चुनिंदा लोगों को ही मिला है।" उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे इस ऑफर को स्वीकार नहीं करते हैं, तो भी माइक्रोसॉफ्ट उन्हें निकालने की योजना बना सकता है।


माइक्रोसॉफ्ट की स्थिति

हालांकि माइक्रोसॉफ्ट ने छंटनी के संभावित दौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन इस साल की शुरुआत में कंपनी ने कुछ वरिष्ठ कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का विकल्प देने के बाद लगभग 4,800 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था।


डेवलपर की दुविधा

डेवलपर ने अपनी चिंताओं को साझा करते हुए कहा, "मैं सोच रहा हूँ कि मैंने इतनी मेहनत क्यों की? क्या मैं बस एक ऐसी कंपनी में फंस गया हूँ जो अब पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो चुकी है?" उन्होंने रेडिट पर मदद मांगी, यह बताते हुए कि उनके पास कोई बैकअप योजना नहीं है।


सेवरेंस पैकेज की जानकारी

हालांकि यह पोस्ट सबरेडिट से हटा दी गई है, लेकिन एक कमेंट में उन्होंने बताया कि उन्हें क्या 'सेवरेंस पैकेज' दिया गया है। इसमें 2 या 3 महीने की बेसिक सैलरी के साथ-साथ हर 6 महीने की नौकरी के लिए 1 हफ्ते की बेसिक सैलरी शामिल है।


रेडिट पर प्रतिक्रियाएँ

एक यूजर ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट का नाम उनके रिज्यूमे में होने से उन्हें दूसरी नौकरी आसानी से मिल जाएगी। वहीं, एक अन्य यूजर ने बताया कि उसने एक महीने पहले ही कंपनी जॉइन की है और उसे भी ऐसा ही ऑफर मिला है।


कंपनी का ऑफर

माइक्रोसॉफ्ट ने भारत, कनाडा, यूके और अमेरिका में अपने कर्मचारियों को 'वॉलंटरी एग्जिट' का ऑफर दिया है। जिन टीमों में यह विकल्प दिया जा रहा है, उनमें कोपायलट, फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्सेज, एक्सबॉक्स और विंडोज एंड डिवाइसेज शामिल हैं।