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मारुति सुजुकी ने जीएसटी सुधार के बाद यात्री वाहन बिक्री में वृद्धि की

मारुति सुजुकी इंडिया ने जीएसटी 2.0 के तहत कर दरों में सुधार के बाद यात्री वाहनों की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि की है। कंपनी के सीईओ हिसाशी ताकेउची ने बताया कि अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच बिक्री में 36% की वृद्धि हुई है, जबकि प्रवेश स्तर के वाहनों की बिक्री में 96% से अधिक का इजाफा हुआ है। इस सुधार का भारतीय उपभोक्ताओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जिससे कंपनी अपनी पूंजीगत निवेश योजनाओं को तेज कर रही है। जानें इस वृद्धि के पीछे के कारण और इसके अर्थव्यवस्था पर प्रभाव।
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मारुति सुजुकी की बिक्री में उछाल

यात्री वाहन उद्योग की प्रमुख कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने 'जीएसटी 2.0' के तहत कर दरों में सुधार के बाद यात्री वाहनों की मांग में आई भारी वृद्धि को देखते हुए अपनी पूंजीगत व्यय योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हिसाशी ताकेउची ने मंगलवार को यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच मारुति सुजुकी की यात्री वाहन बिक्री में सालाना आधार पर लगभग 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि इस अवधि में प्रवेश स्तर के वाहनों की बिक्री में 96 प्रतिशत से अधिक का इजाफा हुआ है।


ताकेउची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, 'एक साल पहले जीएसटी सुधार का ऐतिहासिक कदम भारत की विकास यात्रा को नई गति प्रदान कर चुका है। अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान हमारी यात्री वाहन बिक्री में सालाना आधार पर लगभग 36 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विशेष रूप से प्रवेश स्तर के खंड में 96 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हमें उत्साहित करती है, जहां किफायती कीमतों ने उपभोक्ताओं को लाभान्वित किया है।'


उन्होंने आगे कहा कि यह भारतीय उपभोक्ताओं की खरीद क्षमता और उत्पादों की किफायती कीमतों के महत्व को दर्शाता है। ताकेउची ने कहा, 'जब घरेलू उद्योग प्रतिस्पर्धा और पैमाना हासिल कर लेता है, तो अधिक वैश्विक कारोबार अपने आप हमारे पास आने लगता है, जिससे निर्यात में वृद्धि होती है। इस वृद्धि से प्रेरित होकर हम अपनी पूंजीगत निवेश योजनाओं को तेज कर रहे हैं, जिसका लाभ समग्र अर्थव्यवस्था को मिलेगा।'


महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड के वाहन और कृषि क्षेत्र के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ राजेश जेजुरिकर ने कहा कि जीएसटी के युक्तिकरण से अर्थव्यवस्था को स्पष्ट गति मिली है और प्रमुख श्रेणियों में मांग को समर्थन मिला है।


उन्होंने एक बयान में कहा, 'इन बदलावों के बाद से हमने एसयूवी श्रेणी में 17 प्रतिशत की वृद्धि देखी है, जबकि हल्के वाणिज्यिक वाहनों (एलसीवी) और ट्रैक्टर में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जीएसटी परिषद ने 22 सितंबर, 2025 से कर ढांचे में बदलाव को मंजूरी दी थी, जिसके तहत 1,200 सीसी से कम क्षमता और 4,000 मिमी से कम लंबाई वाले पेट्रोल, एलपीजी तथा सीएनजी वाहनों पर कर की दर 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दी गई थी। वाहन डीलर संघों के महास federation (फाडा) के अध्यक्ष साई गिरिधर ने कहा कि इस सुधार ने सभी वाहन श्रेणियों में उत्पादों को किफायती बनाकर खुदरा मांग को बढ़ावा दिया है।'