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मालदीव और भारत के बीच यूपीआई और फवारा का सफल एकीकरण

भारत और मालदीव के बीच यूपीआई और फवारा का सफल एकीकरण हुआ है, जिससे मालदीव के नागरिक अब अपने मोबाइल बैंकिंग ऐप के माध्यम से भारत में धनराशि स्थानांतरित कर सकते हैं। यह एकीकरण दोनों देशों के बीच डिजिटल वित्तीय संपर्क को मजबूत करेगा और भविष्य में क्यूआर-आधारित व्यापारी भुगतान जैसी नई सेवाओं की शुरुआत की योजना है। जानें इस सहयोग के बारे में और क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी।
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यूपीआई और फवारा का एकीकरण

भारत की एकीकृत भुगतान प्रणाली यूपीआई और मालदीव की त्वरित भुगतान सेवा ‘फवारा’ के बीच एकीकरण की सफलतापूर्वक घोषणा शुक्रवार को की गई। इस संबंध में एक आधिकारिक बयान जारी किया गया। वित्त मंत्रालय ने बताया कि यह एकीकरण एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (एनआईपीएल) और मालदीव मौद्रिक प्राधिकरण (एमएमए) के बीच सहयोग का परिणाम है, जो दोनों देशों के बीच डिजिटल वित्तीय संपर्क और द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को मजबूत करेगा।


इस त्वरित भुगतान सेवा की शुरुआत बृहस्पतिवार को हुई, जिससे मालदीव के नागरिक अब अपने मोबाइल बैंकिंग एप्लिकेशन के माध्यम से भारत में यूपीआई-सक्षम बैंक खातों में तुरंत धनराशि भेज सकते हैं। इस सेवा की शुरुआत बैंक ऑफ मालदीव पीएलसी और मालदीव इस्लामिक बैंक पीएलसी के सहयोग से हुई है। इन बैंकों के ग्राहक अपने मोबाइल बैंकिंग ऐप और ‘फवारा’ भुगतान मंच का उपयोग करके सीधे भारत के यूपीआई-सक्षम खातों में लेनदेन कर सकते हैं।


इस सहयोग के अगले चरणों में क्यूआर-आधारित व्यापारी भुगतान और अन्य डिजिटल भुगतान सेवाओं का शुभारंभ किया जाएगा, जिससे मालदीव और भारत के बीच आर्थिक और वित्तीय संबंध और भी मजबूत होंगे। यूपीआई प्रणाली को कंबोडिया, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर और श्रीलंका सहित नौ देशों में स्वीकार किया जाता है, जिससे भारतीय यात्रियों को इन देशों में भुगतान करना आसान हो गया है।


यूपीआई प्लेटफॉर्म का संचालन भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) द्वारा किया जाता है, जो भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) की पहल है।