मोनोलिथिस इंडिया ने बिहार में 157 करोड़ रुपये में क्वार्टजाइट स्टोन ब्लॉक का अधिग्रहण किया
क्वार्टजाइट स्टोन ब्लॉक का अधिग्रहण
मोनोलिथिस इंडिया ने बिहार के खनन एवं भूविज्ञान विभाग की ई-नीलामी में नवादा जिले में 157 करोड़ रुपये में क्वार्टजाइट स्टोन ब्लॉक हासिल किया है। कंपनी ने शुक्रवार को इस बात की पुष्टि की। यह कंपनी ‘प्रीमिक्स्ड रैमिंग मास’ नामक सामग्री का उत्पादन करती है, जिसका उपयोग इंडक्शन भट्टियों को उच्च तापमान और पिघले इस्पात से सुरक्षा प्रदान करने के लिए किया जाता है।
अधिग्रहण का महत्व
कंपनी ने बताया कि इस अधिग्रहण के माध्यम से उसके कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला को एकीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। यह कंपनी की स्थापना के बाद से अब तक की सबसे बड़ी रणनीतिक उपलब्धि मानी जा रही है।
खनन क्षमता और लाभ
इस ब्लॉक की स्वीकृत खनन क्षमता पांच साल के लिए 7.10 लाख टन प्रति वर्ष है, जिससे कुल 35.50 लाख टन खनन क्षमता प्राप्त होगी। कंपनी का कहना है कि इस अधिग्रहण से उसे कच्चे माल की जरूरतों पर अधिक नियंत्रण मिलेगा और अगले पांच वर्षों में कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचने में मदद मिलेगी।
विनिर्माण क्षमता में वृद्धि
यह अधिग्रहण उस समय हुआ है जब कंपनी सिलिका रैमिंग मास के उत्पादन की क्षमता को बढ़ाने की योजना बना रही है। समूह की कुल विनिर्माण क्षमता 5.76 लाख टन प्रति वर्ष तक पहुंचने की उम्मीद है। कंपनी ने बताया कि वैधानिक मंजूरियां अगले तीन से चार महीनों में मिलने की संभावना है और वाणिज्यिक परिचालन फरवरी-मार्च 2027 में शुरू करने का लक्ष्य है।
भुगतान और खनन कार्य
कंपनी ने कहा कि 157 करोड़ रुपये की राशि का भुगतान राज्य सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार पांच साल में किस्तों में किया जाएगा। खनन कार्य अनुभवी राष्ट्रीय खनन ठेकेदारों के माध्यम से प्रति टन उत्पादन के आधार पर किया जाएगा, जिससे कंपनी का प्रत्यक्ष बुनियादी ढांचा पूंजीगत व्यय सीमित रहेगा।
प्रबंध निदेशक की टिप्पणी
मोनोलिथिस इंडिया के प्रबंध निदेशक हर्ष टेकरीवाल ने कहा, ‘‘मुझे गर्व है कि कच्चे माल की आपूर्ति को अपने नियंत्रण में लेने की प्रक्रिया पूरी हो गई है और हमारे पास अतिरिक्त कच्चे माल की क्षमता भी उपलब्ध है।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘यह नए संयंत्र के शुरू होने के साथ तेजी से बढ़ती कच्चे माल की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा। कंपनी विशेष रूप से पूर्वी और मध्य भारत में घरेलू एकीकृत द्वितीयक इस्पात समूहों की प्रमुख आपूर्तिकर्ता है।’’
