यमन में संघर्ष: सऊदी अरब ने बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट किया
यमन में बढ़ता संघर्ष
यमन में हूती विद्रोहियों और सरकारी बलों के बीच लड़ाई में तेजी आ गई है। इस बीच, सऊदी अरब ने बताया है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने देश की ओर दागी गई तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया है। इनमें से दो मिसाइलें रियाद को लक्ष्य बनाकर दागी गई थीं। सऊदी गठबंधन ने दो क्रूज मिसाइलों को भी नष्ट करने की जानकारी दी है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
सऊदी गठबंधन की प्रतिक्रिया
सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने रविवार को सोशल मीडिया पर इस घटना की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिनमें से दो का निशाना रियाद था। इसके अलावा, गठबंधन ने राजधानी रियाद और दक्षिणी क्षेत्रों में दो क्रूज मिसाइलों को भी नष्ट करने का दावा किया।
हूती विद्रोहियों का परिचय
हूती विद्रोहियों को अंसार अल्लाह के नाम से भी जाना जाता है। यह समूह ईरान के निकट माना जाता है और लंबे समय से यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के खिलाफ संघर्ष कर रहा है। पिछले महीने, यमन की सरकारी सेना ने हूतियों के कब्जे वाले क्षेत्रों को पुनः प्राप्त करने के लिए 'डॉन ऑफ यमन' नामक सैन्य अभियान शुरू किया था।
सामाजिक प्रभाव
इस संघर्ष का आम नागरिकों पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। हूती विद्रोहियों के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अनीस अल-असबहाई ने शनिवार को बताया कि सऊदी गठबंधन के हवाई हमलों में सना के पास अल-शरियाह गांव में 33 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 8 महिलाएं और 13 बच्चे शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हमलों में कम से कम 39 लोग घायल हुए हैं।
हमलों की प्रकृति
अनीस अल-असबहाई के अनुसार, हमलों में नागरिकों के घरों, सड़कों और चिकित्सा सहायता प्रदान करने वाले कर्मचारियों को निशाना बनाया गया। यह गांव सना के पूर्व में स्थित हुशैश जिले में है। हालांकि, सऊदी गठबंधन की ओर से इन हमलों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
हूती विद्रोहियों के दावे
हूती समर्थक मीडिया ने रविवार को बताया कि सऊदी सीमा के पास सादा प्रांत के शादा जिले में तोपों से गोलाबारी की गई है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने आरोप लगाया कि गठबंधन ने 24 घंटे के भीतर सना समेत 8 प्रांतों में 105 हवाई और मिसाइल हमले किए हैं।
यमन में हालात
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, जुलाई 2022 में संघर्ष विराम टूटने के बाद से यमन में 1,600 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और लगभग 300,000 लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। संघर्ष विराम तब टूटा जब हूतियों ने सऊदी बंदरगाहों की नाकेबंदी की घोषणा की। इसके बाद, यमन का संघर्ष अब केवल घरेलू लड़ाई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें सऊदी अरब और ईरान के बीच क्षेत्रीय तनाव का भी प्रभाव स्पष्ट है।
