यूआईडीएआई का विशेष अभियान: स्कूली बच्चों के लिए दो करोड़ आधार में बायोमेट्रिक अपडेट
यूआईडीएआई का बायोमेट्रिक अपडेट अभियान
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने एक विशेष पहल के तहत देशभर में स्कूली बच्चों के लिए दो करोड़ से अधिक आधार में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट पूरे कर लिए हैं। यह जानकारी मंगलवार को एक आधिकारिक बयान में साझा की गई। अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) तब आवश्यक होता है जब कोई बच्चा पहली बार पांच साल की उम्र से पहले आधार प्राप्त करता है और उसकी उम्र 15 वर्ष हो जाती है।
बयान में बताया गया है कि यूआईडीएआई ने इस विशेष अभियान में लगभग 1.6 लाख स्कूलों को शामिल किया है, जिसके तहत स्कूली बच्चों के लिए दो करोड़ से अधिक आधार में अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट किए गए हैं। पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों के आधार नामांकन में जनसांख्यिकीय जानकारी और तस्वीरें ली जाती हैं, जबकि इस उम्र में उंगलियों के निशान और आंखों की पुतली का बायोमेट्रिक्स नहीं लिया जाता क्योंकि ये अभी विकसित हो रहे होते हैं। एमबीयू यह सुनिश्चित करता है कि बच्चे के आधार में अद्यतन बायोमेट्रिक जानकारी बनी रहे।
यदि आधार में एमबीयू नहीं होता है, तो विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने में प्रमाणीकरण में कठिनाइयां आ सकती हैं, साथ ही नीट, जेईई, सीयूईटी जैसी प्रतियोगी और विश्वविद्यालयी परीक्षाओं में पंजीकरण के दौरान भी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। यह विशेष अभियान सितंबर 2025 में शुरू किया गया था, और इस पहल के तहत पांच से 17 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए 30 सितंबर 2026 तक एमबीयू निःशुल्क है।
