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यूरोपीय संघ ने गूगल पर लगाया 46.3 करोड़ डॉलर का जुर्माना

यूरोपीय संघ ने गूगल पर 46.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया है, जिसका कारण उपयोगकर्ताओं के स्थान डेटा का अनुचित उपयोग है। आयरलैंड के डेटा संरक्षण आयोग ने पाया कि गूगल ने अपनी सेटिंग्स में उपयोगकर्ताओं की ब्राउज़िंग और लोकेशन हिस्ट्री का सही तरीके से प्रबंधन नहीं किया। गूगल ने इस मामले को पुरानी नीतियों से जोड़ा है और कहा है कि उसने अपनी प्रक्रियाओं में सुधार किया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और गूगल की नई नीतियों के बारे में।
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गूगल पर जुर्माना लगाने का कारण

यूरोपीय संघ (ईयू) ने गूगल पर उपयोगकर्ताओं के स्थान डेटा के अनुचित उपयोग के लिए 46.3 करोड़ अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया है। यह जानकारी ईयू के डेटा गोपनीयता नियामक ने सोमवार को साझा की। आयरलैंड के डेटा संरक्षण आयोग (डीपीसी) ने अपनी जांच में पाया कि गूगल ने उपयोगकर्ताओं की ब्राउज़िंग और खोज इतिहास की निगरानी करने वाली सेटिंग, जिसे वेब एंड ऐप एक्टिविटी कहा जाता है, और मोबाइल फोन के माध्यम से उपयोगकर्ताओं के स्थानों की निगरानी करने वाली सेवा, लोकेशन हिस्ट्री में, स्थान डेटा का उचित या कानूनी तरीके से प्रसंस्करण नहीं किया।


नियामकों की जांच और गूगल का बयान

नियामकों ने यह भी बताया कि एंड्रॉइड मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम में लोकेशन एक्यूरेसी फीचर के तहत व्यक्तिगत डेटा को प्रोसेस करते समय गूगल कानूनी, निष्पक्ष और पारदर्शी रहने में असफल रहा। गूगल का यूरोपीय मुख्यालय डबलिन में स्थित है, जिससे आयरलैंड इस अमेरिकी तकनीकी कंपनी का मुख्य नियामक बन गया है। गूगल ने एक बयान में कहा कि यह मामला पुरानी नीतियों से संबंधित है, जिन्हें अब अपडेट किया गया है।


गूगल की नई नीतियाँ

गूगल ने कहा कि 2019 के बाद से उसने अपनी प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण सुधार किए हैं और ऐसे प्रभावी उपकरण पेश किए हैं, जो लोकेशन डेटा को प्रबंधित करना आसान बनाते हैं। नियामकों ने यह स्पष्ट किया कि लोकेशन डेटा एक प्रकार का व्यक्तिगत डेटा है, जिसे गूगल द्वारा एकत्र किया जाता है और इसका उपयोग किसी व्यक्ति के स्थान का अनुमान लगाने के लिए किया जा सकता है।