रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेजी, जियो प्लेटफॉर्म्स का सार्वजनिक निर्गम प्रस्तावित
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने जियो प्लेटफॉर्म्स के लिए IPO दस्तावेज जमा किए हैं, जिससे शेयरों में तेजी आई है। मुकेश अंबानी ने इसे महत्वपूर्ण कदम बताया है, जो भारतीय पूंजी बाजार में एक नया अध्याय खोल सकता है। कंपनी का लक्ष्य 27 करोड़ नए शेयर जारी कर लगभग 37,700 करोड़ रुपये जुटाना है। इसके साथ ही, रिलायंस भविष्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वच्छ ऊर्जा में भी निवेश बढ़ाने की योजना बना रही है। जानें इस प्रक्रिया के बारे में और क्या उम्मीदें हैं निवेशकों की।
| Jun 22, 2026, 23:13 IST
शेयर बाजार में रिलायंस का सकारात्मक प्रदर्शन
इस सप्ताह की शुरुआत में शेयर बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने सकारात्मक रुख अपनाया। कंपनी की दूरसंचार और तकनीकी शाखा, जियो प्लेटफॉर्म्स, ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के पास प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम से संबंधित दस्तावेज जमा किए, जिससे निवेशकों में उत्साह बढ़ा। इस सकारात्मक माहौल का असर कंपनी के शेयरों पर भी पड़ा, और कारोबार के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में लगभग तीन प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।
शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव
जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय शेयर बाजार में रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर कारोबार के दौरान 1,344.90 रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, इसके बाद इसमें थोड़ी उतार-चढ़ाव देखने को मिली, लेकिन शेयर ने बढ़त बनाए रखी। कंपनी का कुल बाजार मूल्य 18 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का सार्वजनिक निर्गम
जियो प्लेटफॉर्म्स ने जो दस्तावेज दाखिल किए हैं, उसके अनुसार कंपनी 27 करोड़ नए शेयर जारी करने की योजना बना रही है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस सार्वजनिक निर्गम के माध्यम से लगभग 37,700 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं। यदि यह योजना सफल होती है, तो यह भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास में सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में से एक बन सकती है।
मुकेश अंबानी का बयान
रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने कंपनी की 49वीं वार्षिक आम बैठक में इस प्रस्तावित सूचीबद्धता को वर्ष का सबसे महत्वपूर्ण मूल्य सृजन कदम बताया। उन्होंने कहा कि जियो की बाजार में सूचीबद्धता से यह साबित होगा कि भारत वैश्विक स्तर की तकनीकी कंपनियां बनाने की क्षमता रखता है। इसके साथ ही, इससे रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरधारकों के लिए भी बड़ा मूल्य सृजन होने की उम्मीद है।
नई पीढ़ी की जिम्मेदारी
मुकेश अंबानी ने यह भी बताया कि इस प्रक्रिया का नेतृत्व उनके बच्चे आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी कर रहे हैं, जो समूह में नई पीढ़ी को बड़ी जिम्मेदारियां सौंपने का संकेत देता है।
सार्वजनिक निर्गम का उपयोग
कंपनी के अनुसार, सार्वजनिक निर्गम से प्राप्त राशि का उपयोग मुख्य रूप से रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड के बकाया कर्ज को कम करने और अन्य सामान्य कारोबारी जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कंपनी की वित्तीय स्थिति और मजबूत हो सकती है।
भविष्य की योजनाएं
इस बीच, रिलायंस समूह ने अपने भविष्य के विकास की विस्तृत रूपरेखा भी प्रस्तुत की है। कंपनी अब उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवाओं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वच्छ ऊर्जा और उपभोक्ता कारोबार के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। मुकेश अंबानी ने कहा कि समूह अब केवल योजनाएं बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता में साझेदारी
उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में कंपनी ने मेटा, एनवीडिया और गूगल जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी की है। इसका उद्देश्य भारत की जरूरतों के अनुरूप बड़े स्तर पर तकनीकी सेवाएं और आधारभूत ढांचा तैयार करना है।
स्वच्छ ऊर्जा में निवेश
कंपनी सौर ऊर्जा निर्माण, हरित हाइड्रोजन, संपीड़ित जैव गैस, बैटरी भंडारण, जैव ऊर्जा और भूमिगत कोयला गैसीकरण जैसे क्षेत्रों में भी निवेश बढ़ा रही है। भारत सरकार भी स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है, ऐसे में रिलायंस की यह रणनीति भविष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
निवेशकों की नजर
विशेषज्ञों का मानना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित सार्वजनिक निर्गम न केवल रिलायंस समूह के लिए बल्कि पूरे भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक बड़ा पड़ाव साबित हो सकता है। आने वाले महीनों में निवेशकों की नजर इस प्रक्रिया और इसके मूल्य निर्धारण पर बनी रहने की संभावना है।
