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रिलायंस और मेटा का जामनगर में डेटा सेंटर निर्माण

रिलायंस इंडस्ट्रीज और मेटा प्लेटफॉर्म्स ने जामनगर में 168 मेगावाट क्षमता का डेटा सेंटर विकसित करने के लिए साझेदारी की है। यह भारत में मेटा का पहला 'बिल्ट-टू-सूट' डेटा सेंटर होगा, जो नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित होगा। इस परियोजना से भारत की डिजिटल अवसंरचना में एक महत्वपूर्ण बदलाव आएगा और यह वैश्विक एआई क्रांति में भारत की भूमिका को मजबूत करेगा।
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रिलायंस और मेटा का जामनगर में डेटा सेंटर निर्माण

रिलायंस और मेटा की साझेदारी

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और मेटा प्लेटफॉर्म्स ने मिलकर गुजरात के जामनगर में 168 मेगावाट क्षमता वाला एक डेटा सेंटर बनाने का निर्णय लिया है। यह परियोजना दो वर्षों में पूरी होने की उम्मीद है। इस संबंध में बुधवार को एक संयुक्त बयान जारी किया गया।


बयान में बताया गया कि यह भारत में मेटा का पहला 'बिल्ट-टू-सूट' डेटा सेंटर होगा, जो भारत को वैश्विक एआई अवसंरचना केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


इसमें कहा गया है, 'रिलायंस इंडस्ट्रीज 168 मेगावाट क्षमता का डेटा सेंटर विकसित करेगी, जिसे दो वर्ष में पूरा किया जाएगा। इसके विस्तार का विकल्प भी उपलब्ध होगा। मेटा इस सुविधा को पट्टे पर लेगी।'


यह डेटा सेंटर नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित होगा और इसके शीतलन के लिए समुद्री जल का लवण हटाने की प्रक्रिया का उपयोग किया जाएगा।


स्वच्छ ऊर्जा के साथ साझेदारी

बयान में यह भी उल्लेख किया गया है कि मेटा प्लेटफॉर्म्स भारत में क्लीनमैक्स और फोर्थ पार्टनर एनर्जी जैसे प्रमुख स्वच्छ ऊर्जा प्रदाताओं के साथ सहयोग कर रही है, जिससे लगभग एक गीगावाट (1000 मेगावाट) नवीकरणीय ऊर्जा का समर्थन प्राप्त होगा।


रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने कहा, 'मेटा के साथ यह सहयोग भारत के डिजिटल अवसंरचना क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। मेटा जैसी वैश्विक तकनीकी कंपनी के लिए भारत का पहला 'बिल्ट-टू-सूट' डेटा सेंटर बनाना इस बात का प्रमाण है कि भारत वैश्विक एआई क्रांति में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।'


उन्होंने आगे कहा, 'जामनगर हाइपरस्केल एआई कंप्यूटिंग का एक प्रमुख केंद्र बनेगा और इस दृष्टि को साकार करने के लिए मेटा के साथ साझेदारी पर हमें गर्व है।'


मेटा का निवेश

मेटा ने 2020 में जियो प्लेटफॉर्म्स में 5.7 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश किया था।


बयान में यह भी कहा गया है कि यह डेटा सेंटर मेटा की वैश्विक अवसंरचना की आवश्यकताओं को पूरा करेगा और उसके मुख्य कारोबार एवं एआई कंप्यूटिंग आवश्यकताओं का समर्थन करेगा, जो भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।


हाइपरस्केल एआई अवसंरचना

यह परियोजना रिलायंस इंडस्ट्रीज को भारत में हाइपरस्केल एआई अवसंरचना के लिए 'एकल-खिड़की' समाधान प्रदाता के रूप में स्थापित करती है।


बयान के अनुसार, गुजरात का यह स्थान बड़े डेटा सेंटर संचालन के लिए कई लाभ प्रदान करता है, जिसमें आपूर्ति क्षमता, नवीकरणीय ऊर्जा, जल उपलब्धता, पश्चिमी तट के समुद्री केबल लैंडिंग स्टेशन के निकटता और जियो के व्यापक फाइबर नेटवर्क से जुड़ाव शामिल हैं।