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रिलायंस जियो ने आईपीओ के लिए SEBI को ड्राफ्ट फाइल किया, वित्तीय प्रदर्शन में सुधार

रिलायंस जियो ने अपने बहुप्रतीक्षित आईपीओ के लिए SEBI में ड्राफ्ट दस्तावेज जमा किए हैं, जिसमें वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी के मुनाफे और राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि का उल्लेख है। इस लेख में जियो के वित्तीय प्रदर्शन, आईपीओ से धन के उपयोग, और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई है। जानें कि कैसे जियो अपने नेटवर्क को बेहतर बनाने और ग्राहकों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रहा है।
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रिलायंस जियो ने आईपीओ के लिए SEBI को ड्राफ्ट फाइल किया, वित्तीय प्रदर्शन में सुधार

रिलायंस जियो का आईपीओ ड्राफ्ट फाइलिंग


मुंबई: रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने लंबे समय से प्रतीक्षित आईपीओ के लिए SEBI के पास ड्राफ्ट दस्तावेज जमा कर दिए हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं वार्षिक आम बैठक के बाद प्रस्तुत इस ड्राफ्ट में वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी के मुनाफे, राजस्व और ग्राहक संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि का संकेत मिलता है।


ड्राफ्ट फाइलिंग की प्रमुख बातें

मुख्य बिंदु


1. आय और मुनाफा: वित्त वर्ष 2026 में जियो का ऑपरेशनल राजस्व 14.6% की वृद्धि के साथ 1.47 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष 1.28 लाख करोड़ रुपये था।


EBITDA, यानी ऑपरेटिंग लाभ, 64,170 करोड़ रुपये से बढ़कर 76,255 करोड़ रुपये हो गया, और इसका मार्जिन 51.9% रहा।


शुद्ध मुनाफा 30,049 करोड़ रुपये रहा, जो कि कंपनी के इतिहास में पहली बार 30 हजार करोड़ रुपये के पार गया है। यह उपलब्धि कंपनी ने केवल 10 वर्षों में हासिल की है।


2. आईपीओ से धन का उपयोग: जियो प्लेटफॉर्म्स इस आईपीओ से जुटाए गए धन में से लगभग 27,500 करोड़ रुपये का उपयोग अपने कर्ज चुकाने के लिए करेगी। कंपनी इस आईपीओ में लगभग 27 करोड़ नए शेयर जारी करने की योजना बना रही है, लेकिन आईपीओ के कुल आकार की सटीक जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।


3. कर्ज में कमी: कंपनी की बैलेंस शीट पहले की तुलना में काफी मजबूत हो गई है। मार्च 2025 में जियो पर 45,273.4 करोड़ रुपये का शुद्ध कर्ज था, जो मार्च 2026 तक घटकर 27,579.20 करोड़ रुपये रह गया है। कंपनी का नेट लेवरेज भी घटकर 0.36 गुना रह गया है, जो इसकी मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।


4. ग्राहक संख्या और ARPU में वृद्धि: वित्त वर्ष 2026 के अंत तक जियो के कुल उपयोगकर्ताओं की संख्या 52.44 करोड़ हो गई है। इस वर्ष कंपनी ने 3.62 करोड़ नए ग्राहक जोड़े। प्रति उपयोगकर्ता औसत आय (ARPU) बढ़कर 214 रुपये प्रति माह हो गई है, जो पिछले वर्ष 206.2 रुपये थी।


5. भविष्य की योजनाएं: जियो को उम्मीद है कि भविष्य में डिजिटल सेवाओं और ब्रॉडबैंड पर ग्राहकों का खर्च बढ़ेगा। कंपनी अपने नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए निरंतर निवेश जारी रखेगी। इसके अलावा, समय-समय पर टैरिफ में बदलाव और महंगे बंडल योजनाओं के कारण कंपनी की आय और ARPU में आगे भी वृद्धि देखने को मिल सकती है।