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रिलायंस जियो ने फिर से शुरू किया प्राइम सदस्यता कार्यक्रम, एयरटेल के प्लान बंद होने के बाद

रिलायंस जियो ने एयरटेल द्वारा कम कीमत वाले अनलिमिटेड रिचार्ज प्लान बंद करने के बाद अपने 10 साल पुराने प्राइम सदस्यता कार्यक्रम को फिर से शुरू करने की योजना बनाई है। इस सदस्यता के तहत ग्राहकों को अगले एक वर्ष तक शुल्क में कोई बदलाव नहीं होगा। जियो अपने 299 रुपये वाले प्लान में नए लाभ जोड़ने की भी तैयारी कर रही है। जानें इस नई रणनीति के पीछे की वजह और दूरसंचार उद्योग में संभावित बदलाव।
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जियो प्राइम सदस्यता का पुनरुद्धार

भारती एयरटेल द्वारा कम कीमत वाले अनलिमिटेड रिचार्ज प्लान को समाप्त करने के बाद, रिलायंस जियो अपने 10 साल पुराने 'प्राइम' सदस्यता कार्यक्रम को फिर से लाने की योजना बना रही है। सोमवार को मिली जानकारी के अनुसार, जियो प्राइम सदस्यता के तहत ग्राहकों को अगले एक वर्ष तक शुल्क या प्लान में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं होने का आश्वासन दिया जाएगा।


सदस्यता शुल्क और लाभ

यह सदस्यता मौजूदा प्रीपेड और पोस्टपेड ग्राहकों के लिए 300 रुपये की लागत पर उपलब्ध होगी। इसके साथ ही, जियो अपने 299 रुपये वाले प्लान के लाभों को भी बढ़ाने की तैयारी कर रही है, जिसमें प्रतिदिन 1.5 जीबी डेटा शामिल है।


एयरटेल के प्लान बंद होने का प्रभाव

जियो यह कदम एयरटेल द्वारा 1.5 जीबी डेटा वाले 299 रुपये के कई प्लान बंद करने के बाद उठा रही है। सूत्रों के अनुसार, 'जियो प्राइम' कार्यक्रम का उद्देश्य पहले 10 करोड़ ग्राहकों के प्रति आभार व्यक्त करना था, जिसे अब नए लाभों और कीमत की गारंटी के साथ पुनः शुरू किया जा रहा है। अन्य नेटवर्क के ग्राहक भी जियो में अपना नंबर पोर्ट कराकर या नया कनेक्शन लेकर प्राइम सदस्यता प्राप्त कर सकते हैं।


299 रुपये के प्लान में नए लाभ

कंपनी 299 रुपये वाले प्लान में जियो हॉटस्टार की सदस्यता, गूगल क्लाउड पर 5,000 जीबी स्टोरेज और गूगल के एआई इंजन 'प्रो गूगल जेमिनी' की मुफ्त सुविधा जोड़ने की योजना बना रही है। हालांकि, इस संबंध में जियो ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। एयरटेल ने हाल ही में 299, 319, 579, 619 और 649 रुपये के प्रीपेड प्लान बंद कर दिए हैं, जिसमें प्रतिदिन 1.5 जीबी डेटा और अनलिमिटेड कॉलिंग शामिल थी।


दूरसंचार उद्योग में बदलाव

अब एयरटेल ग्राहकों के पास केवल उच्च कीमत वाले और अधिक दैनिक डेटा वाले प्लान चुनने का विकल्प बचा है। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरटेल का यह कदम दूरसंचार क्षेत्र में शुल्क वृद्धि की संभावित दिशा को दर्शाता है, क्योंकि सेवा प्रदाता कंपनियां प्रति ग्राहक औसत राजस्व (एआरपीयू) बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।