Newzfatafatlogo

रुपये की गिरावट पर केंद्रीय वित्त मंत्री का बयान: आरबीआई के प्रयास जारी

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रुपये की गिरावट पर चिंता जताई और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रुपये की कीमत में कमी के बावजूद, आरबीआई स्थिरता बनाए रखने के लिए कई कदम उठा रहा है। सीतारमण ने कहा कि रुपये की गिरावट के पीछे बाहरी चुनौतियां हैं, जबकि भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है। जानें इस विषय पर और क्या कहा गया है और आरबीआई के नए उपायों के बारे में।
 | 

रुपये के मूल्य में गिरावट और आरबीआई के प्रयास

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को बताया कि पिछले डेढ़ साल में रुपये की कीमत में महत्वपूर्ण कमी आई है। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) घरेलू मुद्रा में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। सीतारमण ने ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनमी फोरम 2026 में कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया अब निम्नतम स्तर पर पहुंच गया है। आरबीआई अपने नियामकीय अधिकारों का उपयोग कर रुपये की स्थिरता बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।


उन्होंने स्पष्ट किया कि आरबीआई रुपये के मूल्य को निर्धारित करने का प्रयास नहीं कर रहा है, बल्कि इसके उतार-चढ़ाव को रोकने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए आरबीआई ने कई कदम उठाए हैं, जो आगे भी जारी रहेंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि वे चाहते हैं कि रुपया अपनी कीमत स्वयं निर्धारित करे।


रुपये की गिरावट को रोकने के लिए रिजर्व बैंक ने हाल ही में कई उपायों की घोषणा की। केंद्रीय बैंक ने पेट्रोलियम विपणन कंपनियों के लिए एक विशेष सुविधा शुरू की है, जिससे डॉलर की मांग हाजिर बाजार से हट सकेगी। इसके अतिरिक्त, रुपये से संबंधित सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के लिए विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव कारोबार के नियमों को भी कड़ा किया गया है।


आरबीआई ने बैंकों को दो लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक की डॉलर खरीद पर 20 प्रतिशत का आरक्षित प्रावधान करने का निर्देश भी दिया है। सीतारमण ने कहा कि आरबीआई के हालिया कदमों से रुपये को समर्थन मिला है, और सोमवार को रुपये के मूल्य में एक प्रतिशत की वृद्धि हुई।


मंगलवार को शुरुआती कारोबार में रुपया मजबूत होकर 94.96 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आरबीआई रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए आगे भी कदम उठाएगा। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है और देश के पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार है। उन्होंने बताया कि रुपये में उतार-चढ़ाव की मुख्य वजह बाहरी चुनौतियां हैं, जबकि सरकार देश के भीतर आर्थिक बुनियादी कारकों को मजबूत करने के लिए प्रयासरत है।


सीतारमण ने कहा कि राजकोषीय अनुशासन निवेशकों के लिए चिंता का विषय नहीं होना चाहिए। हालांकि, डॉलर के मुकाबले रुपये की घट-बढ़ एक चुनौती बनी हुई है, और सरकार इस पर ध्यान देगी।