रुपये में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तेजी, घरेलू बाजार में सकारात्मक रुख
रुपये की मजबूती का कारण
मुंबई, 5 नवंबर: बृहस्पतिवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.41 पर बंद हुआ, जो कि 5 पैसे की वृद्धि दर्शाता है। यह वृद्धि कच्चे तेल की कीमतों में कमी और विदेशी निवेश के कारण हुई है। विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि हाल के कारोबारी सत्रों में रुपये में सुधार के बाद निकट भविष्य में स्थिरता के संकेत मिल रहे हैं।
शेयर बाजार का प्रभाव
घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख ने भी निवेशकों की धारणा को मजबूत किया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.36 पर खुला और कारोबार के दौरान 94.57 प्रति डॉलर के निचले स्तर तक गिर गया। हालांकि, अंतिम घंटे में रुपये ने कुछ नुकसान की भरपाई की और 94.32 प्रति डॉलर तक मजबूत हो गया।
रुपये की स्थिति
अंत में, रुपया 94.41 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 5 पैसे की वृद्धि है। बुधवार को यह 29 पैसे चढ़कर 94.46 पर बंद हुआ था। कोटक नियो में जिंस एवं मुद्रा शोध प्रमुख अनिंद्य बनर्जी ने कहा कि कई कारक रुपये के पक्ष में हैं।
विदेशी पूंजी का प्रवाह
भारत के कृत्रिम मेधा (एआई) क्षेत्र में निवेश की वापसी के कारण विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ सकता है। अमेरिका में राजनीतिक अनिश्चितता से डॉलर पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमत में हर एक डॉलर की गिरावट से भारत की आयात लागत कम हो सकती है।
डॉलर सूचकांक और शेयर बाजार
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.06 प्रतिशत गिरकर 101.50 पर आ गया। घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 2,008.61 अंक उछलकर 79,310.01 अंक पर और निफ्टी 576 अंक चढ़कर 24,536.60 अंक पर बंद हुआ। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट कच्चे तेल का भाव वायदा कारोबार में 1.38 प्रतिशत बढ़कर 95.93 डॉलर प्रति बैरल हो गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को शुद्ध रूप से 14,974.68 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
