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रुपये में गिरावट, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.25 पर पहुंचा

सोमवार को रुपये में गिरावट आई, जो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.25 पर पहुंच गया। इस गिरावट के पीछे अमेरिकी डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि का दबाव है। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों के निवेश और देश के विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि ने रुपये की गिरावट को सीमित किया है। जानें इस स्थिति के अन्य पहलुओं के बारे में।
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रुपये की स्थिति

सोमवार को शुरुआती कारोबार में, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण रुपये में गिरावट आई। रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले आठ पैसे की कमी के साथ 95.25 का स्तर छुआ। विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के निवेश और देश के विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि ने रुपये की गिरावट को सीमित किया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, रुपये की शुरुआत 95.18 प्रति डॉलर से हुई, लेकिन बाद में यह 95.25 प्रति डॉलर तक गिर गया।


डॉलर सूचकांक और कच्चे तेल की कीमतें

यह गिरावट पिछले बंद भाव से आठ पैसे की कमी को दर्शाती है। शुक्रवार को रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पांच पैसे की बढ़त के साथ 95.17 पर बंद किया था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.17 प्रतिशत बढ़कर 99.70 पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.91 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 84.31 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।


शेयर बाजार की स्थिति

सोमवार के शुरुआती कारोबार में घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 19.38 अंक की मामूली गिरावट के साथ 78,479.79 अंक पर और निफ्टी 5.10 अंक गिरकर 24,567.45 अंक पर कारोबार कर रहा था। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को शुद्ध आधार पर 480.24 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।


विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 31 जुलाई को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 10.512 अरब डॉलर बढ़कर 692.866 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इससे पिछले सप्ताह में इसमें 6.118 अरब डॉलर की वृद्धि हुई थी, जो 682.354 अरब डॉलर था।