Newzfatafatlogo

रुपये में गिरावट, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि

पश्चिम एशिया में संकट के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे रुपये में गिरावट देखी गई है। बुधवार को रुपये ने 15 पैसे की कमी के साथ 95.56 पर कारोबार किया। डॉलर सूचकांक में भी हल्की वृद्धि हुई है। घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त देखने को मिली है। जानें इस स्थिति का निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है और कच्चे तेल की कीमतें क्या हैं।
 | 
रुपये में गिरावट, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि

रुपये की स्थिति

पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे बुधवार को रुपये में गिरावट देखी गई। शुरुआती कारोबार में रुपये ने 15 पैसे की कमी के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.56 पर पहुंच गया।


अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपये की शुरुआत 95.52 प्रति डॉलर से हुई, लेकिन बाद में यह गिरकर 95.56 प्रति डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 15 पैसे की कमी को दर्शाता है।


मंगलवार को रुपये ने 20 पैसे की बढ़त के साथ 95.41 पर बंद किया था।


डॉलर सूचकांक और शेयर बाजार

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.03 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 99.94 पर बना रहा।


घरेलू शेयर बाजारों में, सेंसेक्स ने शुरुआती कारोबार में 303.73 अंक की बढ़त के साथ 74,222.49 अंक पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 85.40 अंक की वृद्धि के साथ 23,327.50 अंक पर रहा।


कच्चे तेल की कीमतें

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का मूल्य 0.73 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 92.12 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहा।


शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने 4,566.03 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।