रुपये में गिरावट: डॉलर के मुकाबले 16 पैसे कमजोर होकर 95.24 पर पहुंचा
रुपये की स्थिति
बृहस्पतिवार को रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 16 पैसे की गिरावट के साथ 95.24 (अस्थायी) प्रति डॉलर का स्तर छुआ। विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, डॉलर सूचकांक में हल्की वृद्धि और विदेशी निवेशकों की निकासी ने रुपये पर दबाव डाला। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने रुपये को कुछ हद तक सहारा दिया।
बाजार में गतिविधियाँ
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपये की शुरुआत 95.13 प्रति डॉलर से हुई। व्यापार के दौरान, यह 95.12 से 95.24 प्रति डॉलर के बीच में रहा। अंततः, यह 95.24 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 16 पैसे की कमी दर्शाता है।
विश्लेषकों की राय
बुधवार को रुपये ने 20 पैसे की मजबूती के साथ 95.08 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। मिराए एसेट शेयरखान के अनुसंधान विश्लेषक अनुज चौधरी ने बताया कि अमेरिकी डॉलर सूचकांक में हल्की वृद्धि और अमेरिकी बॉंड प्रतिफल में बढ़ोतरी के कारण रुपये में कमजोरी आई है। उन्होंने यह भी कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में कमी और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित समझौते ने रुपये को कुछ समर्थन दिया है।
डॉलर सूचकांक और तेल की कीमतें
इस बीच, डॉलर सूचकांक, जो दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को दर्शाता है, 0.11 प्रतिशत घटकर 99.78 पर आ गया। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.09 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 79.52 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स के अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि भारत के लिए ब्रेंट कच्चे तेल का भाव 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने से आयात बिल और मुद्रास्फीति पर दबाव कम रहेगा।
शेयर बाजार की स्थिति
घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 373.76 अंक की वृद्धि के साथ 78,954.76 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 11.35 अंक की बढ़त के साथ 24,636 अंक पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 943.42 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की बिकवाली की।
